मध्यप्रदेश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस संक्रमण के 126 नए मामले सामने आने के बाद राज्य में इस बीमारी की चपेट में आने वाले लोगों की तादाद बढ़कर 741 पर पहुंच गई है। मंगलवार को राज्य में दो की इंदौर में और एक मरीज की भोपाल में मौत हुई है। इसके बाद इस महामारी से राज्य में अब तक 53 लोगों की मौत हो चुकी है। मध्य प्रदेश के 52 जिलों में से 24 जिलों में इस महामारी ने अब दस्तक दे दी है। जानिए दिनभर का अपडेट --
इंदौर में 411 मरीज
इंदौर से मिली रिपोर्ट के अनुसार मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी समझे जाने वाले इस शहर में अब तक सर्वाधिक 411 कोरोना वायरस संक्रमित मरीज मिले हैं। पिछले 24 घंटों में इंदौर में 83 नए मामले सामने आए हैं। मध्य प्रदेश के अधिकारियों ने कहा कि राज्य की राजधानी भोपाल में पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के 16 नए मामले सामने आए हैं। इसी के साथ भोपाल में इस महामारी की चपेट में आए मरीजों की संख्या बढ़कर अब 158 हो गई है।
अधिकारियों ने बताया कि इंदौर व भोपाल के अलावा उज्जैन में 26 कोरोना वायरस संक्रमित हैं, जबकि 17 खरगोन और 17 (तीन नए) बड़वानी में, 15 होशंगाबाद में, 15 (10 नए) खंडवा में, 14 मुरैना में, 13 विदिशा में, 12 (दो नए) जबलपुर में, सात (तीन नए) देवास में, छह ग्वालियर में, चार-चार छिंदवाड़ा, एवं रायसेन में, चार (तीन नए) शाजापुर में, तीन श्योपुर में, तीन (एक नया) धार में दो-दो सतना, रतलाम व शिवपुरी में दो (एक नया), मंदसौर, बैतूल और सागर एक-एक, जबकि कोरोना संक्रमित एक मरीज दूसरे राज्य का है।
पूर्व मंत्री पी सी शर्मा पर केस दर्ज
लॉकडाउन का उल्लंघन करने के मामले में मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री पी सी शर्मा पर मामला दर्ज। बता दें कि मंगलवार से पूरे देश में तीन मई तक लॉकडाउन लागू किया गया है।
न तो एम्बुलेंस मिली, न ही इलाज, 60 वर्षीय मरीज ने तोड़ा दम: परिजन
इंदौर में कथित रूप से वक्त पर इलाज नहीं मिलने से मंगलवार को 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि उन्हें एम्बुलेंस भी नसीब नहीं हो पाई और वे उसे दोपहिया वाहन पर बिठाकर इलाज के लिए अस्पताल-दर-अस्पताल भटकते रहे। इस वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर फैल गया। उसमें सरकारी महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (एमवायएच) के परिसर में मरीज की बेसुध देह को उसके परिवार की दो बेहाल महिलाएं संभाले दिखाई दे रही हैं।
वीडियो में एक पुरुष तीमारदार आरोप लगा रहा है कि अचानक मरीज की तबीयत बिगड़ने पर उसे दोपहिया वाहन से क्लॉथ मार्केट हॉस्पिटल ले जाया गया था। लेकिन उसे वहां से लौटा दिया गया। यह अस्पताल परमार्थिक ट्रस्ट द्वारा चलाया जाता है। इस शख्स का आरोप है कि परमार्थिक अस्पताल के परिसर में एम्बुलेंस खड़ी होने के बावजूद उन्हें इस वाहन की सेवा मुहैया कराने से इंकार कर दिया गया। नतीजतन मजबूरी में मरीज को वहां से दोपहिया वाहन पर ही एमवायएच लाया गया। लेकिन उसकी इस सरकारी अस्पताल में भी सुध नहीं ली गई। एमवायएच के अधीक्षक प्रमेंद्र ठाकुर ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि मरीज की इस अस्पताल में पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी।
कोरोना पॉजिटिव मिला, फिर भी लापरवाही
इंदौर के मनोरमा राजे टीबी अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा- हम 30 लोग हैं और दो-दो लोग एक कमरे में रह रहे हैं। हमारे कमरे साफ और सैनिटाइज नहीं किए जाते हैं। उचित खाना नहीं दिया जा रहा है। हमारे स्टाफ से एक कोरोना पॉजिटिव मिला है लेकिन किसी भी तरह की सावधानी नहीं बरती जा रही है।
दिग्विजय की सीएम शिवराज से मांग
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि कोरोना से मृत्यु होने पर शासन मृतक के परिवार को 5 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाए।
टीकमगढ़ में पहला मामला
उन्होंने बताया कि प्रदेश में कोरोना प्रभावित जिलों में टीकमगढ़ जिला भी जुड़ गया है। टीकमगढ़ में भी एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाया गया है। किदवई ने बताया कि प्रदेश में 278 इलाके निरुद्ध क्षेत्र के तौर पर चिह्नित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में अब तक कोरोना वायरस से 50 लोगों की मौत हो चुकी है।
टीकमगढ़ के बुड़ेरा थाना क्षेत्र के लमेरा गांव में कोरोना संक्रमित का एक मामला सामने आया है। इसके बाद पुलिस और प्रशासन सहित स्वास्थ्य अमला मुस्तैद हो गया। पॉजिटिव केस की पुष्टि सीएमएचओ डॉ. एमके प्रजापति ने की है। गौरतलब है कि इंदौर में कोरोना संक्रमण की चपेट में आए हुए डॉक्टर शत्रुघन पंजवानी के यहां लमेरा गांव का यह 30 वर्षीय युवक कार्य करता था, कोरोना से डॉ. पंजवानी की मौत हो गई है।
इंदौर में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 411 हुई
वहीं इंदौर में मरीजों की संख्या मंगलवार को बढ़कर 411 पर पहुंच गई। हालांकि, शहर में इन मरीजों की मृत्यु दर में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन यह दर राष्ट्रीय औसत से अब भी कहीं ज्यादा बनी हुई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) प्रवीण जड़िया ने बताया पिछले 24 घंटों में मिली नई रिपोर्टों के बाद शहर में अब तक कोविड-19 के कुल 411 मरीजों की पहचान हुई है। इनमें से 35 लोगों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। यानी मंगलवार दोपहर तक शहर में कोविड-19 के मरीजों की मृत्यु दर लगभग 8.5 प्रतिशत थी। पिछले 24 घंटे के दौरान इस दर में करीब 1.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
अधिकारियों के मुताबिक सोमवार दोपहर तक शहर में कोविड-19 के मरीजों की मृत्यु दर लगभग 10 प्रतिशत के स्तर पर थी। उन्होंने बताया कि अब तक शहर में इस बीमारी के 37 मरीजों को इलाज के बाद स्वस्थ पाए जाने पर अस्पतालों से छुट्टी दी जा चुकी है। कोरोना वायरस के मरीज मिलने के बाद से प्रशासन ने 25 मार्च से शहरी सीमा में कर्फ्यू लगा रखा है।