मध्यप्रदेश गृहमंत्री बाबूलाल गौर ने महिलाओं के संबंध में एक विवादास्पद बयान देते हुए कहा है कि तमिलनाडु में महिलाएं पूरे कपड़े पहनती हैं और सलीके से रहती हैं। इसके चलते वहां पर महिलाओं पर अन्य राज्यों की तुलना में कम अपराध होते हैं।
कुछ दिनों पहले तमिलनाडु की राजधानी चैन्नई की यात्रा पर गए थे। वहां से लौटने के बाद गुरूवार को उन्होंने ये बयान दिया।
उनके इस बयान के साथ ही वह विवाद में आ गए हैं और लोगों ने उनके खिलाफ तीखी टिप्पणियां दर्ज कराई हैं। इस बयान पर विपक्षी पार्टी कांग्रेस और महिला संगठनों ने गौर से माफी मांगने को की मांग की है। इस पर गौर ने कहा कि "जो कहना था वह कह दिया।"
पहला मामला नहीं
यह कोई पहला मामला नहीं है जब गृहमंत्री ने महिलाओं से संबंधित कोई इस तरह की टिप्पणी की हो। निर्भया मामले में दुख जताते हुए गौर ने कहा था कि छोटे कपड़ों के कारण महिलाओं पर अत्याचार बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि चेन्नई के पुलिस अधिकारियों से तमिलनाडु में अपराधों के पीछे के वजह पूछी। इस पर पुलिस अधिकारियों ने जवाब दिया कि तमिलनाडु में प्रति लाख जनसंख्या के हिसाब से पर्याप्त पुलिस स्टेशन हैं और महिलाएं तुलनात्मक रूप से ज्यादा आध्यात्मिक हैं।