बरगी बांध के गेट कभी भी खोले जा सकते हैं।
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रानी अवंति बाई लोधी सागर परियोजना के बरगी जलाशय का जलस्तर लगातार तेजी से बढ़ रहा है। नर्मदा नदी के पूर्वी हिस्से में हो रही अच्छी बारिश के कारण नदी उफान पर है। जलाशय के बढ़ते जलस्तर को समय रहते नियंत्रित करने के मकसद से बांध के गेट किसी भी समय खोले जा सकते हैं। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए बांध प्रबंधन ने नर्मदा नदी के सभी प्रमुख घाटों और निचले तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए सतर्कता बरतने का अलर्ट जारी किया है।
जलाशय का जलस्तर और क्षमता
बरगी बांध के कार्यपालन यंत्री राजेश सिंह के अनुसार शुक्रवार, 14 अगस्त को सुबह 8 बजे बांध का जलस्तर 420.15 मीटर दर्ज किया गया है। वर्तमान समय में इस बांध की कुल जल उपयोगी क्षमता 2492 एमसीएम यानी 78.36 प्रतिशत दर्ज की गई है। इसके साथ ही जलाशय में फिलहाल पानी की आवक 760 क्यूमेक बनी हुई है। मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए पूर्वानुमान और जलभराव क्षेत्र में हो रही वर्षा की स्थिति को देखते हुए आगामी 24 घंटे के भीतर बांध से लगभग 1000 क्यूमेक पानी छोड़े जाने की प्रबल संभावना व्यक्त की गई है।
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निगरानी व्यवस्था
बांध के गेट खोलने की कार्रवाई आरंभ करने से पहले वायरलेस मैसेज और संबंधित वॉट्सएप समूह के माध्यम से स्थानीय लोगों तथा प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल सूचना प्रदान की जाएगी। बांध प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जलाशय में पानी की आवक की स्थिति के अनुसार छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा में कभी भी बदलाव किया जा सकता है। पानी की आवक के आधार पर छोड़े जाने वाले जल का परिमाण घटाया या बढ़ाया जा सकता है।
घाटों पर जलस्तर और सुरक्षा अपील
बांध के गेट खोले जाने के बाद नर्मदा नदी के विभिन्न घाटों पर जलस्तर में लगभग 3 से 4 फीट तक की अचानक वृद्धि होने की संभावना है। जलस्तर में होने वाली इस बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए बांध प्रबंधन ने आम नागरिकों से नदी के घाटों और तटीय इलाकों से पर्याप्त दूरी बनाए रखने की अपील की है। इसके अतिरिक्त, प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया है कि गेट खुलने का संदेश मिलने के पश्चात वे नर्मदा के घाटों की तरफ न जाएं और नदी के आसपास के क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का खतरा न उठाएं।