मध्यप्रदेश में 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं। ऐसे में सभी पार्टियों द्वारा मतदाताओं को लुभाने के लिए घोषणापत्र का एलान किया जाना है। वहीं, कांग्रेस पार्टी ने उपचुनाव को देखते हुए शनिवार को अपना घोषणापत्र जारी किया। इस दौरान सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और पार्टी के अन्य प्रमुख नेता मौजूद रहे।
घोषणापत्र का एलान करते हुए कमलनाथ ने कहा, 2018 विधानसभा चुनाव को लेकर एक वचनपत्र बनाया गया, जिसमें 974 वचन दिए गए। हमारी सरकार केवल 15 महीने ही रही, इस दौरान ढाई महीने आचार संहिता और एक महीना सौदेबाजी में ही निकल गया। हमने इस दौरान 574 वचन पूरे किए।
उन्होंने कहा, हमें राज्य से कोई माफी नहीं मांगनी है, हमारे काम की सबसे बड़ी गवाह जनता है। सरकार में रहने के दौरान हमने किसानों का कर्ज माफ किया और उपभोक्ताओं को 100 रुपये में बिजली दी।
मुख्यमंत्री शिवराज पर हमला बोलते हुए कमलनाथ ने कहा, 2018 के चुनावों में जनता ने शिवराज को 15 सालों बाद घर पर बैठाया। इन्होंने केवल सौदेबाजी की है। जनता से झूठी सौदेबाजी के अलावा शिवराज सिंह ने कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा, इस बार जनता शिवराज जी के चंगुल में नहीं फंसने वाली। इस बार भाजपा को उपचुनाव में जनता तमाचा मारेगी।
कलमनाथ ने कहा, हमने अपने घोषणापत्र में 52 चीजों को शामिल किया है। इसमें गौवर्धन सेवा योजना, कोरोना से मरने वालों को पेंशन, किसान कर्ज माफी, बिना ब्याज कर्ज जैसे मुद्दों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा, शिवराज ने मुख्यमंत्री रहते हुए मध्यप्रदेश का भविष्य चौपट किया है।
पूर्व सीएम ने कहा, मुझे विश्वास है कि जनता आने वाले दिनों में इस पर विचार करते हुए, मध्यप्रदेश के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए वोट करेगी। उन्होंने कहा, शिवराज ने पिछले सात महीनों में सौदेबाजी, नारियल फोड़ने, झूठी घोषणाओं के अलावा कुछ नहीं किया है। चुनाव के दौरान जनता का ध्यान मुद्दों पर से हटाने के लिए चीन और पाकिस्तान को लाया जाता है।
वहीं, मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने अब कांग्रेस पर हमला बोला है। शिवराज ने कहा, उन्होंने पिछले घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा नहीं किया। उन्होंने इसे लिखा और इसके बारे में भूल गए। उन्होंने कहा कि वे 10 दिनों के भीतर बहुत सारी चीजें करेंगे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। अब वे नए वादे लेकर आए हैं। वादे हैं वादों का क्या? लोग अपने वादों की असलियत जानते हैं।