मध्यप्रदेश में कांग्रेस नेता द्वारा ट्रैफिक सूबेदार अरुण सिंह को धमकाने के बाद अब कांग्रेस के एक और नेता का महिला ट्रैफिक सूबेदार को ट्रांसफर की धमकी देने का मामला सामने आया है। मामला रविवार की सुबह इंदौर के राजीव गांधी चौराहे का है। मंत्री सज्जन सिंह वर्मा का पार्षद भतीजा अभय वर्मा फोन पर बात करते हुए स्कॉर्पियो चला रहा था कि ट्रैफिक जवान ने उसे रोक लिया।
महिला सूबेदार सोनू वाजपेयी ने गाड़ी के कागज मांगे तो अभय ने मोबाइल पर बात करने से इनकार कर दिया। गाड़ी के कागज भी नहीं दिखाए। जब महिला अधिकारी ने कार्रवाई की चेतावनी दी और सिपाही ने वीडियो बनाया तो अभय ने माफी मांगी और कार लेकर चला गया। एक घंटे के बाद अभय अपने समर्थकों के साथ वापस आया और महिला सूबेदार को ट्रांसफर की धमकी दे डाली। बाद में शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने मामला शांत कराया।
बता दें कि इससे पहले भी पार्षद अभय वर्मा विवादों में रहा है। जून 2016 में जूनी इंदौर स्थित पिशोरी ढाबे का डिलेवरी बॉय खाना लेकर देरी से पहुंचा तो अभय ने अपने परिवार वालों के साथ ढाबे पर पहुंचकर तोड़फोड़ की और जमकर हंगामा किया था। इस मामले में जूनी इंदौर पुलिस ने अभय वर्मा पर बलवे का केस दर्ज किया था।
ट्रैफिक डीएसपी हरवंश कन्हौया ने बताया कि घटना की जानकारी लगते ही मैं मौके पर पहुंचा। सुबह जब पूरा मामला शांत हो गया तो पार्षद अभय वर्मा द्वारा दोबारा से जाकर हंगामा किया गया। सूबेदार को ट्रांसफर के लिए धमकाया। कई बार अलग-अलग आरोप लगाए। फिर सूबेदार को सस्पेंड करने की मांग की। मैने कांग्रेसी नेताओं और अभय वर्मा से कहा कि यदि किसी को आपत्ति है तो आवेदन दें। हम पूरे मामले की जांच करेंगे। किसी को बिना कारण के सस्पेंड नहीं कर सकते।