मध्य प्रदेश कांग्रेस में नेता भारतीय जनता पार्टी और नरेंद्र मोदी से भी ज्यादा हमले कांग्रेसियों पर ही कर रहे हैं।
दिग्विजय सिंह समर्थक विधायक आरिफ अकील ने प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव का नाम लिए बिना कहा है कि पार्टी की कमान नौसिखियों के हाथ में आ गई है, जिन्हें राजनीति विरासत में मिली है।
वहीं प्रभारी महासचिव मोहन प्रकाश के बारे में कहा है कि उन्होंने 6 ब्राह्मणों को टिकट दे दिया है और पार्टी खास समाज (ब्राह्मणों) पर मेहरबान नजर आ रही है।
दिग्विजय समर्थक दूसरे विधायक अजयसिंह ने कहा है कि पार्टी को देखना चाहिए कि भागीरथ प्रसाद भाजपा में क्यों चले गए और ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं।
उल्लेखनीय है कि टिकट मिलने के बाद भाजपा में चले गए डॉ. भागीरथ प्रसाद भी दिग्विजय सिंह के खास समर्थकों में से थे। उनकी पत्नी मेहरुन्निसा परवेज कांग्रेस सरकारों के समय महत्वपूर्ण पदों का लाभ लेने में पीछे नहीं रहीं।
‘जो दिया वो मिल रहा’
विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हुए चौधरी राकेश सिंह का कहना है कि आज जब अजय सिंह को टिकट नहीं मिला, तब उन्हें पार्टी में विचार की जरूरत महसूस हो रही है।
चौधरी राकेश सिंह ने कहा, ‘छह माह पहले अजयसिंह खुद निष्ठावान कांग्रेसियों को दरकिनार और उपेक्षित कर रहे थे। जो वह दूसरों को दे रहे थे, अब उन्हें मिल रहा है। बोए पेड़ बबूल के तो आम कहां से खाय। तब चंद कांग्रेसियों ने पार्टी पर कब्जा जमा लिया था।’
गौरतलब है कि अजय सिंह जब नेता प्रतिपक्ष थे तब कांग्रेस के उपनेता और ग्वालियर क्षेत्र के प्रमुख नेता चौधरी राकेश सिंह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में चले गए थे। उनके भाई मुकेश चतुर्वेदी अब भाजपा के टिकट पर विधायक हैं। उनके मुरैना से चुनाव लड़ने की संभावना है।
अजयसिंह ने कहा है कि उन्होंने सीधी से टिकट मांगा था, लेकिन पार्टी ने नहीं दिया। अब वे किसी और जगह से लोकसभा नहीं लड़ना चाहते। कांग्रेस ने सीधी से इंद्रजीत पटेल को टिकट दिया है। वे भी अर्जुनसिंह के खास समर्थक नेता रहे हैं।
दिग्गी का दायां बनाम बायां हाथ
दिलचस्प बात यह है कि मध्य प्रदेश की विधानसभा में अकेले मुस्लिम विधायक आरिफ अकील भोपाल से जिन पीसी शर्मा को लोकसभा का टिकट देने का विरोध कर रहे हैं, वह पीसी शर्मा हाल ही तक दिग्विजय सिंह खेमे के प्रमुख नेता माने जाते थे।
पिछले कुछ दिनों से वह म.प्र. में नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे और प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव के साथ ज्यादा दिखाई देते रहे हैं, जो ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी हैं। अब पीसी शर्मा को भोपाल से उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद आरिफ अकील ने उन पर हमले तेज कर दिए हैं। वह खुद टिकट की कतार में थे। उन्होंने एआईसीसी को पत्र लिखा है कि भोपाल में 6 लाख अल्पसंख्यक मतदाता हैं, इसलिए किसी अल्पसंख्यक को ही टिकट दें।