समूची मानवता के लिए खतरा बन चुकी कोरोना महामारी का सभी मिल-जुलकर ही मुकाबला कर सकते हैं। ऐसे में देश के हर नागरिक की अपने-अपने स्तर पर भागीदारी जरूरी है। ऐसे में यदि शीर्ष अधिकारी खुद जमीनी काम में जुट जाएं तो उनकी सराहना होना ही चाहिए। मध्यप्रदेश के राजगढ़ के कलेक्टर नीरज सिंह व एसपी प्रदीप शर्मा ने ऐसी ही पहल कर कोरोना रोगियों को जीवनदान देने का काम किया है।
दरअसल राजगढ़ जिला चिकित्सालय में चार वेंटिलेटर छह महीने से खराब पड़े थे। उन्हें ठीक करने के लिए कोई इंजीनियर नहीं आ रहा था। कोरोना काल में जब यह जानकारी कलेक्टर व एसपी को लगी तो उन्होंने अस्पताल के स्टोर रूम में बेकार पड़े वेंटिलेटर की मरम्मत का बीड़ा उठाया।
राजगढ़ के एसपी प्रदीश शर्मा आईआईटी रूड़की से बीटेक पास हैं। उन्होंने एक निजी कंपनी में भी कार्य किया है। इसके बाद वे लोकसेवक बने। एसपी शर्मा व कलेक्टर नीरज सिंह ने मिलकर बेकार पड़े दो वेंटिलेटरों को ठीक कर कोविड वार्ड में स्थापित भी कर दिया है।
जिले के दोनों शीर्ष अधिकारी पीपीई किट पहनकर राजगढ़ जिला चिकित्सालय पहुंचे थे। किट पहनकर ही उन्होंने वेंटिलेटर को दुरुस्त किया। उनकी मदद के लिए पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर सुमित सिंह और नपा इंजीनियर अंकित सिंह भी मौजूद थे। अधिकारियों ने इस काम में मदद के लिए वेंटिलेटर के साथ आई विवरण पुस्तिका की भी मदद ली। बहरहाल उनकी इस पहल और उनके जज्बे को सलाम किया जाना चाहिए।