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नाटकीय घटनाक्रम के तहत इंदौर जेल से हुई हास्य कलाकार मुनव्वर फारुकी की रिहाई

Sun, 07 Feb 2021 10:04 AM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
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कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
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हिंदू देवी-देवताओं को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में शीर्ष अदालत से अंतरिम जमानत मिलने के बाद हास्य कलाकार मुनव्वर फारुकी को शनिवार देर रात यहां केंद्रीय कारागार से रिहा कर दिया गया। वह पिछले 35 दिन से न्यायिक हिरासत के तहत इस जेल में बंद थे।

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केंद्रीय जेल प्रशासन ने प्रयागराज की एक अदालत के जारी पेशी वॉरंट का हवाला देते हुए फारुकी की रिहाई में शनिवार देर शाम असमर्थता जताई थी, लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट के एक जज ने जब इंदौर के मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट को शनिवार देर रात फोन किया और उनसे सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर मुनव्वर फारूकी के प्रोडक्शन वॉरंट पर लगाई गई रोक और अंतरिम जमानत से जुड़े आदेश को चेक करने के लिए कहा, तब जाकर कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी को इंदौर की जेल से रिहा किया गया।

इससे पहले दिन में इंदौर जेल प्रशासन ने फारूकी को ये कहते हुए रिहा करने से इनकार कर दिया था कि उन्हें प्रयागराज के सीजेएम यानी मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट की ओर से उनके पहले जारी किए गए प्रोडक्शन वॉरंट को रोकने को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी मिली है।
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इंदौर सेंट्रल जेल के अधीक्षक, राजेश बांगरे ने कहा, 'हमें पहले ये आदेश नहीं मिला था, हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश ने इंदौर के मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट को फोन किया और उन्हें वेबसाइट पर अपलोड किए गए आदेशों को चेक करने के लिए कहा और कहा कि अगर ये पहले ही अपलोड हो गए हैं, तो इनका अनुपालन करें। हमने साइट चेक की और देखा कि ये अपलोड थे, इसलिए रात 11 बजे छोड़ा गया।'

इंदौर के तुकोगंज पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले में मुनव्वर को अंतरिम जमानत देते हुए जस्टिस आर एफ नरीमन की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की एक बेंच ने उत्तर प्रदेश के जॉर्ज टाउन पुलिस स्टेशन में कॉमेडियन के खिलाफ दर्ज एक अन्य मामले के संबंध में जारी प्रोडक्शन वॉरंट पर रोक लगा दी थी।

हालांकि, शीर्ष अदालत के आदेश के एक दिन बाद, जेल विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उन्हें प्रयागराज की सीजेएम अदालत से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है, जिसमें उन्हें प्रोडक्शन वॉरंट पर रोक के बारे में बताया गया हो।

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