मध्यप्रदेश में महिला अपराधों को लेकर प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने चिंता जताई है। भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कमिश्नर, कलेक्टर, आईजी और सभी पुलिस अधीक्षकों को संबोधित किया और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर निर्देश दिए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है। बहन-बेटियों के साथ किसी तरह के दुर्व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।
शिवराज सिंह चौहान ने साफ तौर से कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के साथ अगर कोई खिलवाड़ करता पकड़ा गया तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी है। मुख्यमंत्री ने लापरवाह अधिकारियों पर भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मंत्रालय में आयोजित वर्चुअल कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस ,पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी भी मौजूद रहे । इसके अलावा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी कॉन्फ्रेंस से वर्चुअली जुड़े ।
कॉन्फ्रेंस में सीएम हेल्पलाइन के तहत प्रकरणों के निराकरण व कोविड-19 टीकाकरण की दूसरी खुराक लगाने पर भी समीक्षा की गई। इसके अलावा प्रधानमंत्री शहरी पथ विक्रेता स्व स्वनिधि योजना और मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ विक्रेता योजना की प्रगति की समीक्षा की गई।
महिला अपराधों के विरूद्व किए गए उल्लेखनीय कार्य एवं उपलब्धियां
ऑपरेशन हेल्पिंग हेन्ड (प्रथम चरण) - धारा 125 सीआरपीसी के अंतर्गत भरण पोषण हेतु जारी समंस वारंट की तामीली के संबंध में दिनांक 15 सितम्बर से 15 अक्तूबर तक 01 माह का विशेष अभियान ऑपरेशन हेल्पिंग हेन्ड I प्रदेश स्तर पर संचालित किया गया ।
प्रदेश के स्कूल/कॉलेजों में महिला अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा छात्राओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया
शासकीय महाविद्यालय/पीजी कॉलेज में छात्राओं को आत्मरक्षा हेतु प्रशिक्षण प्रदान किया गया
महिला अपराध शाखा द्वारा महिला एवं बच्चों के विरुद्ध घटित अपराधों के संबंध में 22 से 23 सितंबर 2021 तक 02 दिवसीय अपराध अनुसंधान कौशल उन्नयन प्रशिक्षण आयोजित किया गया
जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक, महिला अपराध एवं महिला थाना प्रभारी सम्मिलित हुए जिसमें मुख्य रूप से मानव दुर्व्यापार की रोकथाम, वैज्ञानिक अनुसंधान, घरेलू हिंसा के प्रकरणों में प्रभावी कार्यवाही, साइबर जागरूकता शामिल थे
1 जनवरी से 31 अक्तूबर गुम बालक/बालिकाओं की बरामदगी हुई
1665 बालकों की दस्तयाबी
9603 बालिकाओं की दस्तयाबी
कुल बरामदगी- 11268