शासकीय सेवा में रहते यह आचरण सिविल सेवा नियमों के विपरीत है। इसके पूर्व मेरे खिलाफ भी जबलपुर के एक शिक्षक ने ‘डाकू’ शब्द का इस्तेमाल किया था। उन पर भी इसी तरह की कार्रवाई की गई थी। लेकिन तभी मैंने यह सोचा कि जिन शिक्षक पर यह निलंबन की कार्रवाई हुई है, उन्होंने इस पद तक आने के लिए वर्षों मेहनत और तपस्या की होगी। पूरा परिवार उन पर आश्रित होगा। सिर्फ एक मुख्यमंत्री पर की गई उक्त टिप्पणी के कारण शिक्षक को निलंबित किया जाए, तो इसकी सजा उनके पूरे परिवार को भुगतना पड़ेगी। ये मुझे नागवार गुजरा। मैंने शिक्षक को माफ करने का निर्णय लेकर उन्हें तत्काल बहाल करने का आदेश दिया।
उन्होंने कहा कि इसी तरह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर टिप्पणी करने वाले शिक्षक को किस अधिकार से माफ करूं। फिर सोचा, मुझ पर टिप्पणी करने वाले एक शिक्षक को हम माफी दे सकते हैं तो राहुल जी पर टिप्पणी करने वाले शिक्षक को सजा मिले, ये मुझे ठीक नहीं लग रहा क्योंकि ये कार्रवाई कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के सोच के विपरीत है।
राहुल गांधी अपने ऊपर अशोभनीय और आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले तमाम विरोधियों को माफ करते आए हैं। वो कहते आए हैं कि आप जितनी मेरी निंदा करो, जितने मुझे अपशब्द कहो, मैं उतना मजबूत होता हूं। इससे मेरा आत्मविश्वास दृढ़ होता है।