एयर इंडिया द्वारा घोषित की गई इंदौर-शारजाह फ्लाइट को कंपनी ने शुरू करने से पहले ही निरस्त कर दिया है। इसका कारण विमानों की कमी के रूप में सामने आया है। इस फ्लाइट को संचालित करने के लिए कंपनी के पास अभी विमान की उपलब्धता नहीं है। इस फ्लाइट के लिए अब विमान का इंतजार करना होगा और जब विमान की व्यवस्था होगी तभी यह फ्लाइट शुरू हो पाएगी।
एयर इंडिया ने 8 अक्टूबर को घोषणा की थी कि 1 नवंबर से इंदौर से शारजाह के बीच सप्ताह में दो दिन सोमवार और शनिवार को सीधी उड़ानों का संचालन होगा। कंपनी ने इस फ्लाइट को शुरू करने से पहले ही निरस्त करने की घोषणा कर दी है। इसके बाद से ही इस फ्लाइट में जाने को तैयार बैठे यात्री निराश हैं। फ्लाइट को निरस्त किए जाने का कारण विमानों की कमी है। जिसके चलते इस फ्लाइट को निरस्त किया गया है। यह कमी कब तक पूरी होगी और फ्लाइट कब शुरू होगी यह भी अभी तय नहीं है। इस फ्लाइट के निरस्त होने के साथ ही एक बार फिर सप्ताह में सिर्फ एक दिन चलने वाली दुबई फ्लाइट को सप्ताह में तीन दिन किए जाने की मांग तेज हो गई है। इस फ्लाइट के फेरे बढ़ाना भी मुश्किल ही नजर आ रहा है क्योंकि कंपनी विमानों की कमी की बात कह चुकी है।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानें कमाई का बड़ा माध्यम
इस मामले में अब कई तरह की बातें सामने आ रही हैं। एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि महंगी टिकटों वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानें कमाई का बड़ा माध्यम होती है। दुबई फ्लाइट इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है, जिसमें एक सीट के लिए यात्री 35 से 60 हजार रुपए तक चुका रहे हैं। ऐसे में कंपनी अपने किसी डोमेस्टिक रूट पर चलने वाली फ्लाइट को सप्ताह में सिर्फ दो दिन बंद करते हुए भी इस फ्लाइट को शुरू कर सकती थी, जिससे कंपनी को डोमेस्टिक रूट की अपेक्षा कई गुना ज्यादा मुनाफा होता। इस पर उचित निर्णय लिया जाना चाहिए।