ग्वालियर में स्वच्छता मिशन के लिए आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर।
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कचरा गाड़ी के बजाय बाहर कचरा फेंका तो स्वच्छता के प्रति सद्बुद्धि लाने के लिए घर के सामने भजन मंडली ढोल-मजीरों के साथ दिन भर रामधुन करेगी। इसी तरह कचरा फैलाने वालों को स्कूली बच्चों की वानर सेना ऐसा करने से रोकेगी। हर गली-मोहल्ले में स्वच्छता के प्रति समर्पित लोगों की टीम बनाई जाएगी। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में स्वच्छता की रणनीति बनाने को लेकर आयोजित हुई नगर निगम के अधिकारियों की बैठक में इन नवाचारों पर सहमति बनी।
कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कहा कि नगर निगम के सभी अधिकारी-कर्मचारी यह ठान लें कि हम शहरवासियों के सहयोग से स्वच्छता के क्षेत्र में ग्वालियर को केवल और केवल नम्बर वन शहर बनाकर ही दम लेंगे। उन्होंने ग्वालियर शहर को स्वच्छता में अव्वल शहर बनाने के लिए 5 बिंदुओं पर पुख्ता रणनीति के साथ काम करने पर जोर दिया। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और उसका प्रसंस्करण, शहर के किसी भी गली-मोहल्ले में कहीं पर भी कचरा न दिखे। पूरे शहर में दिन में दो बार झाडू और नालियों की नियमित सफाई, हर वार्ड व मोहल्ले में समर्पित स्वच्छता टीम तथा हर वार्ड में मजबूत सूचना तंत्र शामिल है। इससे पता चल सकेगा कि कहां पर कचरा जमा है और किसने वह कचरा फेंका है।
साक्षात्कार लेकर बनाएंगे टीम
आईईसी अर्थात प्रभावी जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर देते हुए कलेक्टर ने कहा कि साक्षात्कार लेकर हर वार्ड में समर्पित लोगों की टीम तैयार करें। प्रयास ऐसे हों, जिससे पूरे शहर की स्वच्छता में भागीदारी हो। स्वच्छता की रणनीति को अंजाम देने के लिये स्वच्छता सर्वेक्षण के प्रावधानों के अनुरूप दस्तावेज तैयार करने और फील्ड पर काम करने के लिए अलग-अलग टीमें तैयार करें। साथ ही यह भी कहा कि सार्वजनिक शौचालय, सब्जी मंडी, बस स्टैंड सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों पर साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था हो।