मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में बच्चों को रोड पर पढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जिस वक्त बच्चे मिट्टी के बने रोड पर पढ़ने के लिए आते हैं उस दौरान यहां से गाड़ियां गुजरती हैं। इतना ही नहीं आवारा जानवर भी लगातार बच्चों के पास घूमते रहते हैं। बच्चों की सुरक्षा की वजह से प्रशासन सवालों के घेरे में आ गया है।
बताया जा रहा है कि प्रशासन की लापरवाही के चलते उन्हें आईटीओ ऑफिस की दीवार के साथ बैठकर पढ़ना पड़ रहा है। ये मामला जिले के वॉर्ड 5 का है, जहां किराए के एक कमरे में बच्चों को आना पड़ता है। हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक गर्मी ज्यादा बढ़ जाने की वजह से बच्चों को बाहर आकर बैठना पड़ता है।
स्कूल के प्रिंसिपल सुखलाल पाठक ने कहा कि वे पिछले महीने ही स्कूल से जुड़े हैं और उनके स्कूल में दो टीचर और 41 बच्चे हैं। उनके स्कूल के पास छत नहीं होने की वजह से उन्हें ये जगह चुननी पड़ी है। प्रशासन ने सफाई में कहा कि वे बच्चों के लिए स्कूल का इंतजाम कर रहे हैं, लेकिन इसमें थोड़ा समय लग रहा है। प्रिंसिपल पाठक का कहना है कि उन्होंने इस बारे में प्रशासन को जानकारी दे दी है।
कक्षा 4 की आशा का कहना है कि रोड पर तेज रफ्तार से निकलने वाली गाड़ियों से उसे बहुत डर लगता है। छतरपुर से एसडीएम राजीव सामिध्य का कहना है कि नगर निगम बच्चों के लिए स्कूल न होने के लिए जिम्मेदार है।