बाल टीकाकरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें पोस्टर, कटआउट, मॉडल के साथ गीतों के माध्यम से पालकों का बच्चों की वैक्सीन के प्रति विश्वास बढ़ाया तथा गत माह देश के प्रमुख संस्थानों द्वारा इस वैक्सीन के सुरक्षित पाए जाने की जानकारी दी गई।
कोरोना से बचाव के लिए बच्चों के प्रति पालकों की चिंता अब कम होने जा रही है। 23 मार्च से 12 से 14 साल के बच्चों का भी वैक्सीनेशन आरंभ होने जा रहा है। पहले ये 16 मार्च से होने वाला था। इस आयु वर्ग के बच्चों को बायोलॉजिकल ई लिमिटेड कंपनी द्वारा बनाई गई कोर्बिवैक्स वैक्सीन लगाई जायेगी। यह जानकारी बाल टीकाकरण जागरूकता कार्यक्रम में नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बच्चों एवं उनके पालकों को दी।
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सारिका ने पोस्टर, कटआउट, मॉडल के साथ गीतों के माध्यम से पालकों का बच्चों की वैक्सीन के प्रति विश्वास बढ़ाया तथा गत माह देश के प्रमुख संस्थानों द्वारा इस वैक्सीन के सुरक्षित पाए जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 23 से आरंभ हो रहे इस नए कार्यक्रम में 60 साल के अधिक के सभी लोग अब बूस्टर डोज लगवा सकेंगे। अभी तक केवल गंभीर बीमारी वाले सीनियर सिटिजन को ही बूस्टर डोज लगाई जा रही थी। कार्यक्रम में संदेश दिया गया कि शासन की थीम बच्चे सुरक्षित तो देश सुरक्षित के लिए सभी पालक जल्द से जल्द अपने बच्चों का टीकाकरण करवा कर कोविड को हराएं।
मध्य प्रदेश में कोरोना के मामले तेजी से कम हो रहे है। प्रदेश में मंगलवार को 25 हजार जांच में 29 नए पॉजिटिव मिले है। अभी 420 एक्टिव केस हैं। प्रदेश के अलग-अलग अस्पताल में 58 मरीज भर्ती हैं।