परासिया रोड स्थित निजी हॉस्पिटल में गुरुवार को हुई एक युवक की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मामूली कमर दर्द की शिकायत लेकर भर्ती हुआ युवक कुछ ही घंटों में जिंदगी हार गया। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही और गलत इलाज का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
मृतक ज्वाला कुमार (निवासी दमुआ) 108 एंबुलेंस सेवा का चालक था। वह रोजाना मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने का काम करता था, लेकिन इस बार खुद इलाज के लिए पहुंचा और वापस नहीं लौट सका।
भर्ती के बाद अचानक बिगड़ी हालत
परिजनों के अनुसार, ज्वाला कुमार को केवल कमर दर्द की शिकायत थी और वह सामान्य स्थिति में अस्पताल पहुंचा था। भर्ती के बाद डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया, लेकिन कुछ ही समय में उसकी हालत बिगड़ने लगी। परिजनों का आरोप है कि उसे जो दवा या इंजेक्शन दिया गया, उसी के बाद उसकी तबीयत खराब हुई। परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने समय पर सही निर्णय नहीं लिया और स्थिति को गंभीरता से नहीं संभाला। उनका कहना है कि अगर सही समय पर उचित इलाज मिलता, तो युवक की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने दोषी डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल
युवक की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ देर के लिए स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। सूचना मिलने पर देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने परिजनों को समझाइश दी और जांच के बाद उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनेगी आधार
मामले में शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल छिंदवाड़ा भेजा गया है। डॉक्टरों की टीम ने पीएम कर रिपोर्ट सुरक्षित रखी है। अब इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। देहात थाना प्रभारी जीएस राजपूत ने बताया कि युवक को पीठ दर्द के चलते भर्ती किया गया था। सुबह अचानक अटैक आने से उसकी मौत हुई है। फिलहाल मर्ग कायम कर लिया गया है और पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है।