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छिंदवाड़ा: दर्द का इलाज कराने गई महिला की 15 दिन बाद मौत, झोलाछाप डॉक्टर पर गलत इंजेक्शन का आरोप

Sat, 05 Sep 2026 08:45 AM IST
छिंदवाड़ा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा

सार

चौरई क्षेत्र में 30 वर्षीय महिला की मौत के मामले में परिजनों ने झोलाछाप डॉक्टर पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया है। महिला की हालत बिगड़ने के बाद करीब 15 दिन तक अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चलने के बाद आखिरकार महिला की सांसें थम गईं।
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झोलाछाप डॉक्टर के गलत इंजेक्शन के बाद महिला ने दम तोड़ा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जिले के चौरई क्षेत्र के ग्राम हिवरखेड़ी में झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के बाद एक महिला की मौत का मामला सामने आया है। हाथ-पैर में दर्द होने पर इलाज कराने पहुंची 30 वर्षीय महिला को डॉक्टर ने इंजेक्शन और बॉटल लगाई। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद महिला अचानक बेसुध हो गई और फिर उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। करीब 15 दिनों तक अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के बाद शुक्रवार सुबह जिला अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
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अस्पताल पुलिस चौकी के अनुसार चौरई के ग्राम धनौरा निवासी सुकरवती (30) पति बबलेश वर्मा की शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतका के पति बबलेश ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि 19 अगस्त को हाथ-पैर में दर्द होने पर सुकरवती हिवरखेड़ी स्थित डॉक्टर राजेंद्र के पास इलाज कराने गई थी। डॉक्टर ने उसे इंजेक्शन और बॉटल लगाई। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेसुध हो गई।

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निजी अस्पताल से नागपुर एम्स तक चला इलाज
महिला की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे छिंदवाड़ा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर 24 अगस्त को उसे नागपुर एम्स ले जाया गया। वहां भी हालत में सुधार नहीं होने पर 31 अगस्त को उसे वापस छिंदवाड़ा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां इलाज के दौरान शुक्रवार सुबह उसकी मौत हो गई।

पति ने लगाया गलत इंजेक्शन का आरोप
मृतका के पति बबलेश वर्मा ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर राजेंद्र द्वारा लगाया गया इंजेक्शन गलत था, जिसके बाद ही सुकरवती की हालत बिगड़ी और वह लगातार गंभीर होती चली गई। हालांकि पुलिस ने अभी आरोपों की पुष्टि नहीं की है। महिला की मौत के वास्तविक कारण का पता जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद ही चल सकेगा।
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अस्पताल पुलिस चौकी ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस परिजनों के बयान, इलाज से संबंधित दस्तावेज और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि महिला की मौत किस वजह से हुई और कथित डॉक्टर की भूमिका क्या थी।
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