पेंच टाइगर रिजर्व से लगे ग्राम गुमतरा में सोमवार देर रात बाघ के हमले ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। खेत में सिंचाई करने जा रहे 40 वर्षीय किसान राजकुमार कहार की बाघ के हमले में मौत हो गई। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश भी देखा जा रहा है।
राजकुमार कहार रोज की तरह देर रात खेत की ओर निकला था। खेत गांव से कुछ दूरी पर झाड़ियों से घिरा हुआ है। तभी अचानक झाड़ियों में छिपे बाघ ने उस पर हमला कर दिया। हमले में राजकुमार गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी जान चली गई।
जब राजकुमार देर रात तक घर नहीं लौटा तो उसका भाई उसे खोजते हुए खेत की ओर गया। वहां जो दृश्य उसने देखा, वह जिंदगी भर नहीं भूल पाएगा। भाई ने देखा कि बाघ राजकुमार को अपनी ओर खींच रहा था। घबराकर उसने शोर मचाया और गांव में सूचना दी। ग्रामीण मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक राजकुमार की मौत हो चुकी थी।
घटना की खबर मिलते ही पूरे गांव में मातम छा गया। राजकुमार का शव देखकर पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि राजकुमार ही परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। अब परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
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घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा वन विभाग पर फूट पड़ा। लोगों का कहना है कि कई दिनों से इलाके में बाघ की गतिविधियां देखी जा रही थीं। खेतों और गांव के आसपास बाघ के पंजों के निशान मिले थे और मवेशियों पर हमले भी हुए थे। इसके बावजूद वन विभाग ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया। ग्रामीणों का आरोप है कि अगर समय रहते गश्त और निगरानी बढ़ाई जाती तो शायद आज राजकुमार की जान बचाई जा सकती थी। एक ग्रामीण ने कहा कि अब बाघ जंगल तक सीमित नहीं रहा, वह गांव की सीमा तक आ चुका है। फिर भी हमारी सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और बाघ के पंजों के निशान जुटाए। क्षेत्र में तत्काल गश्त बढ़ा दी गई है और गांव में मुनादी कर ग्रामीणों को रात के समय बाहर न निकलने की चेतावनी दी गई है। वन विभाग का कहना है कि बाघ की मूवमेंट पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ी तो विशेष टीम तैनात की जाएगी।