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MP: वन भूमि पर अतिक्रमण रोकने पहुंची टीम से मारपीट, रेंजर समेत तीन कर्मचारी घायल; जानें किस बात पर बढ़ा विवाद?

Fri, 03 Jul 2026 08:44 AM IST
छिंदवाड़ा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा

सार

छिंदवाड़ा के सांगाखेड़ा रेंज में वन भूमि पर पौधरोपण के दौरान वन विभाग और ग्रामीणों के बीच विवाद हिंसक हो गया। वन विभाग ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कर्मचारियों के साथ मारपीट का आरोप लगाया है, जिसमें रेंजर समेत तीन कर्मचारी घायल हुए हैं। चलिए जानते हैं ये विवाद किस बात को लेकर इतना बढ़ गया?
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थाना तामिया
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विस्तार
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छिंदवाड़ा के पश्चिम वनमंडल की सांगाखेड़ा रेंज में वन भूमि पर प्रस्तावित पौधरोपण के दौरान वन विभाग की टीम और ग्रामीणों के बीच विवाद हिंसक हो गया। वन विभाग का आरोप है कि अतिक्रमण रोकने और पौधरोपण कराने पहुंचे कर्मचारियों के साथ ग्रामीणों ने गाली-गलौज कर मारपीट की, जिसमें रेंजर समेत तीन कर्मचारियों को चोटें आई हैं। घटना के बाद तामिया थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है।
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मामला सांगाखेड़ा रेंज के कुकरपानी बीट के कक्ष क्रमांक 272 का है, जहां करीब पांच हेक्टेयर वन भूमि पर सागौन के रूट-शूट पौधरोपण की तैयारी की गई थी। बुधवार को वन विभाग का अमला पौधरोपण के लिए मौके पर पहुंचा, लेकिन वहां मौजूद ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए दावा किया कि वे वर्षों से इस जमीन पर खेती कर रहे हैं और उन्हें यहां से हटाया नहीं जा सकता।

पौधरोपण के दौरान बढ़ा विवाद
वन विभाग के अनुसार समझाइश के बावजूद विवाद बढ़ गया। रेंजर नेहा माथुरकर की शिकायत के मुताबिक ग्राम बिजनाढाना निवासी रामवती भोपा, अनिता भोपा और सनोती भोपा ने वन अमले के साथ गाली-गलौज करते हुए शासकीय कार्य में बाधा डाली। आरोप है कि रामवती भोपा ने वनपाल राकेश धुर्वे की पीठ पर हमला किया, जबकि वनरक्षक कमल सिंह पंद्राम के साथ भी मारपीट की गई। बीच-बचाव के दौरान अनिता भोपा ने रेंजर नेहा माथुरकर के साथ झूमाझटकी की, जिससे उनके हाथ में चोट आई। घटना में वन विभाग के अन्य कर्मचारी भी मौके पर मौजूद थे।
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पहले भी हुई थीं बैठकें
रेंजर नेहा माथुरकर ने बताया कि संबंधित वन भूमि पर पौधरोपण की तैयारी पहले ही कर ली गई थी, लेकिन कुछ ग्रामीणों ने वहां खेत तैयार कर लिया था। इस मुद्दे को लेकर वन विभाग और ग्रामीणों के बीच एक-दो दौर की बैठक भी हुई थी, ताकि विवाद का समाधान निकाला जा सके। इसके बावजूद बुधवार को स्थिति बिगड़ गई और मारपीट की नौबत आ गई।

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अगले दिन पुलिस बल के साथ पहुंची टीम
घटना के दूसरे दिन गुरुवार को वन विभाग का अमला पुलिस बल के साथ दोबारा मौके पर पहुंचा। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण फिर एकत्र हो गए और उन्होंने मांग की कि चूंकि वे लंबे समय से इस भूमि पर खेती कर रहे हैं, इसलिए उन्हें जमीन का पट्टा दिया जाए। काफी देर तक समझाइश और बातचीत के बाद वन विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रस्तावित पौधरोपण का कार्य पूरा कराया।
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पुलिस जांच में जुटी
वन विभाग की शिकायत पर तामिया थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटना में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। वहीं ग्रामीण अपनी जमीन पर वर्षों से खेती करने का दावा करते हुए वन अधिकार और पट्टा दिए जाने की मांग पर अड़े हुए हैं।
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