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Chhindwara News: नगर पालिका अध्यक्ष विनोद मालवीय के वायरल ऑडियो से बढ़ा विवाद, BJP के कई नेता जांच के घेरे में

Sat, 07 Feb 2026 11:54 AM IST
छिंदवाड़ा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा

सार

कोयलांचल में नगर पालिका अध्यक्ष विनोद मालवीय की कथित आपत्तिजनक ऑडियो वायरल होने से सियासी भूचाल आ गया। महिला के पति ने एफआईआर दर्ज कराई, वहीं धारा 164 के बयान में साजिश का आरोप लगा। भाजपा से जुड़े नेताओं के नाम सामने आने से संगठन की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

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नपाध्यक्ष विनोद मालवी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोयलांचल की राजनीति में शुक्रवार को उस वक्त भूचाल आ गया, जब नगर पालिका अध्यक्ष विनोद मालवीय की एक महिला से कथित आपत्तिजनक बातचीत की ऑडियो सार्वजनिक हो गई। पहले बंद दरवाजों तक सीमित यह मामला अब सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक फैल चुका है। हर दूसरे मोबाइल में वायरल इस ऑडियो के बाद महिला के पति ने परासिया थाने में एफआईआर दर्ज कराई। मामला दर्ज होते ही नगर पालिका अध्यक्ष ही नहीं, बल्कि उनकी पार्टी और संगठन से जुड़े कई नेता भी विवादों के भंवर में फंस गए हैं।
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164 के बयान में बड़ा खुलासा
शुक्रवार को महिला के धारा 164 के बयान परासिया न्यायालय में दर्ज किए गए। महिला ने बयान में यह जरूर कहा कि बातचीत सहमति से हुई थी, लेकिन ऑडियो को सार्वजनिक करने के पीछे सुनियोजित साजिश का आरोप भी लगाया। महिला ने नगर पालिका उपाध्यक्ष महेश सोमकुंवर, पार्षद पवन सूर्यवंशी, आयुष चौरसिया और भाजपा से जुड़े अविनाश डेहरिया उर्फ पिंटू सहित अन्य लोगों के नाम लेते हुए कहा कि इन्हीं की भूमिका से ऑडियो वायरल हुई।

भाजपा के लिए बढ़ी मुश्किल
ऑडियो कांड के बाद भाजपा की परेशानी और बढ़ गई है। विनोद मालवीय पहले ही पार्टी से निष्कासित हैं, लेकिन अब पार्टी के पदाधिकारियों और पार्षदों के नाम सामने आने से संगठन की छवि पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में इसे परासिया भाजपा के लिए सबसे बड़ा नैतिक संकट बताया जा रहा है।
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आईटी एक्ट में तीसरी बार फंसे अध्यक्ष
नगर पालिका अध्यक्ष विनोद मालवीय के खिलाफ यह तीसरा मामला है, जो आईटी एक्ट के तहत दर्ज हुआ है। इससे पहले धर्म विशेष को लेकर सोशल मीडिया पोस्ट पर मामला और भाजपा नेता अनुज पाटकर से जुड़े प्रकरण में केस हो चुका है। लगातार तीसरी बार आईटी एक्ट में मामला दर्ज होना कानूनन गंभीर श्रेणी में माना जाता है, जिससे उनके राजनीतिक भविष्य पर संकट और गहरा गया है।

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बोले- रिकॉर्डिंग मेरे फोन से हुई, वायरल मैंने नहीं की
पुलिस को दिए अपने बयान में विनोद मालवीय ने कहा है कि महिला से बातचीत शासकीय कार्यों के सिलसिले में होती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका उपाध्यक्ष द्वारा उनके मोबाइल में कॉल रिकॉर्डिंग की सेटिंग चालू की गई थी, जिससे सभी कॉल स्वतः रिकॉर्ड हो रही थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कोई ऑडियो वायरल नहीं किया और इसकी जांच के लिए अपना मोबाइल पुलिस को सौंप दिया है।
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पुलिस चुप, जांच जारी
एफआईआर दर्ज होने और 164 के बयान के बावजूद परासिया पुलिस पूरे मामले में बेहद सतर्क रुख अपनाए हुए है। अधिकारी जांच का हवाला देकर फिलहाल किसी भी तरह की जानकारी देने से बच रहे हैं।

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