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कफ सिरप कांड: जेल जाते-जाते मुस्कुराता रहा श्रीसन फार्मा का मालिक, 24 मासूमों की मौत पर भी नहीं दिखा पछतावा

Tue, 21 Oct 2025 07:55 PM IST
छिंदवाड़ा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा

सार

Deadly Cough Syrup Deaths: जहरीले कोल्ड्रिफ सिरप से 24 बच्चों की मौत के मामले में आरोपी जी. रंगनाथन को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया। पेशी के दौरान वह मीडिया को हाथ हिलाकर मुस्कुराता रहा। उसके चेहरे पर न पछतावा दिखा, न शर्म।
 
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मीडिया को हाथ दिखाता आरोपी रंगनाथन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छिंदवाड़ा के परासिया में बच्चों की मौत से जुड़े जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप कांड के मुख्य आरोपी और श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स के मालिक जी. रंगनाथन गोविंदन को न्यायालय में पेश किया गया। 10 दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजते हुए जिला जेल भेजने का आदेश दिया।

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मीडिया को हाथ हिलाकर करता रहा ‘अभिवादन’
न्यायालय में पेशी के दौरान रंगनाथन का बर्ताव सभी को चौंकाने वाला था। गंभीर आरोपों से घिरा यह आरोपी मीडिया कैमरों को देखकर मुस्कुराया और हाथ हिलाया, मानो वह किसी सम्मान समारोह में जा रहा हो। उसकी यह हरकत देखकर पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों के चेहरों पर हैरानी और आक्रोश दोनों नजर आए।
 
न पछतावा, न शर्म- बेशर्मी की हद
जिस जहरीले सिरप से 24 मासूम बच्चों की जानें गईं, उस दर्दनाक घटना के बावजूद रंगनाथन पूरी तरह निश्चिंत और बेफिक्र दिखा। उसके चेहरे पर न अपराधबोध था, न ग्लानि का भाव। पीड़ित परिवारों का कहना है कि उसके इस रवैये ने उनके जख्म और गहरे कर दिए हैं। कई लोगों ने सवाल उठाया कि जिसे इंसानियत का जरा भी अहसास नहीं, क्या वह कभी सच्चाई बताएगा?
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कौन है जी. रंगनाथन गोविंदन
रंगनाथन तमिलनाडु का रहने वाला है और श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स का मालिक है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, उसकी कंपनी द्वारा निर्मित कोल्ड्रिफ कफ सिरप में जहरीले तत्व पाए गए थे। यह सिरप बच्चों को दिया गया, जिससे किडनी फेल होने के बाद 24 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। जांच में यह भी सामने आया कि सिरप बिना लैब टेस्टिंग और गुणवत्ता जांच के बाजार में बेचा गया था।
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अब जेल की सलाखों के पीछे रंगनाथन
एसआईटी ने रंगनाथन से 10 दिन तक पूछताछ की थी, जिसमें कई अहम सुराग मिले हैं। पूछताछ पूरी होने के बाद उसे परासिया न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। अब रंगनाथन की अगली पेशी निर्धारित तिथि पर होगी और तब तक उसे जेल में ही रहना होगा।

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