राजस्व विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करती एक बड़ी कार्रवाई बुधवार को चांद तहसील में सामने आई, जब लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने हल्का ढीमरमेटा में पदस्थ पटवारी हीरालाल चौरे को 40,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ धर दबोचा। यह कार्रवाई तहसील कार्यालय परिसर में ही की गई, जिससे पूरे राजस्व महकमे में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार ढीमरमेटा निवासी निर्दोष सरेआम का लगभग दो वर्षों से अपने भाई के साथ जमीन बंटवारे को लेकर मामला चांद तहसील में लंबित था। लेकिन बार-बार चक्कर लगाने के बावजूद फाइल आगे नहीं बढ़ रही थी और जानबूझकर देरी की जा रही थी। इसी बीच प्रार्थी को सूचना मिली कि प्रकरण के निराकरण के लिए पटवारी हीरालाल चौरे 40,000 रुपये की रिश्वत की मांग कर रहा है। प्रार्थी ने लोकायुक्त जबलपुर को इसकी शिकायत कर दी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए लोकायुक्त टीम ने पूरी योजना बनाई और बुधवार को चांद तहसील कार्यालय में दबिश दी। जैसे ही पटवारी ने प्रार्थी से रिश्वत की रकम ली, टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
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गौरतलब है कि आरोपी पटवारी हीरालाल चौरे के पास हल्का ढीमरमेटा के साथ-साथ राजस्व निरीक्षक (आरआई) का अतिरिक्त प्रभार भी था। इससे क्षेत्र में राजस्व से जुड़ी अधिकांश फाइलें उन्हीं के नियंत्रण में थीं। यह भी चर्चा है कि यह पहली बार नहीं है जब उनके ऊपर लेनदेन या कार्य में देरी की शिकायत आई हो।
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राजस्व विभाग में हड़कंप, एसडीएम ने दिए सख्त निर्देश
इस कार्रवाई के बाद चांद तहसील का राजस्व अमला सकते में है। एसडीएम प्रभात मिश्रा ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधि जैसे ही सामने आती है, तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी। भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। लोकायुक्त टीम ने मौके पर कार्रवाई पूरी करने के बाद पटवारी को पूछताछ व विधिक कार्रवाई के लिए छिंदवाड़ा मुख्यालय ले जाया है। वहां पर उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी और संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया जाएगा।