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MP: छिंदवाड़ा में मोबाइल की लत ने बच्चों को बनाया आरोपी, अशोभनीय हरकत के आरोप में भेजे गए बाल सुधार गृह

Wed, 01 Jul 2026 12:08 PM IST
छिंदवाड़ा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा

सार

सात नाबालिग बच्चों ने एक मासूम बच्ची के साथ बैड टच किया है। छेड़छाड़ का जब बच्ची ने विरोध किया तो नाबालिग बच्चे डर गए। बच्ची के जोर से शोर करने के बाद आरोपी वहां से भाग गए। पीड़िता ने अपनी मां को अपने साथ घटित मामले की जानकारी दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया। केस दर्ज किया।
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महिला थाना छिंदवाड़ा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छिंदवाड़ा से हैरान देने वाला मामला सामने आया है, जिसने समाज और अभिभावकों को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक मोहल्ले में खेल-खेल के दौरान सात नाबालिग बच्चों ने एक सात साल की मासूम बच्ची के साथ 'बैड टच' (छेड़खानी) की वारदात को अंजाम दिया। आरोपी बच्चों की उम्र महज 8 से 10 साल के बीच है। पुलिस जांच में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि बच्चे मोबाइल पर आपत्तिजनक रील्स और अश्लील कंटेंट देखने की बात सामने आई है, जिसके कारण उन्होंने इस घिनौने कृत्य को अंजाम दिया।
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खेलने के बहाने, आंगन में ले गए 
यह पूरी घटना रविवार शाम की बताई जा रही है। पीड़ित मासूम रोजाना की तरह अपने ही मोहल्ले के बच्चों के साथ खेल रही थी। उसी दौरान मोहल्ले के ही एक घर में पारिवारिक कार्यक्रम चल रहा था, जिससे आसपास काफी चहल-पहल थी। इसी का फायदा उठाकर आरोपी बच्चे पीड़ित बच्ची को घर के पीछे खाली पड़े आंगन में खेलने के बहाने ले गए। वहां उन्होंने मासूम के निजी अंगों के साथ छेड़खानी और गंदा काम करने की कोशिश की।

मासूम के चिल्लाने पर भागे आरोपी
जब बच्चों की करतूतें बढ़ने लगीं, तो सहमी हुई मासूम ने हिम्मत दिखाई और जोर-जोर से चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया। बच्ची की आवाज सुनकर आरोपी लड़के बुरी तरह डर गए और पकड़े जाने के खौफ से मौके से भाग निकले। रोती-बिलखती मासूम तुरंत अपने घर पहुंची और पूरी आपबीती अपनी मां को सुनाई। बेटी की बात सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
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महिला थाने में FIR, भेजे गए बाल सुधार गृह
परिजनों ने बिना वक्त गंवाए सीधे महिला थाने पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। महिला थाना प्रभारी (TI) अरुण वाहने ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक्शन लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सबसे पहले पीड़ित बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया। मेडिकल रिपोर्ट में छेड़खानी की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज की। चूंकि आरोपी भी नाबालिग हैं, इसलिए पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन सभी सातों बच्चों को नरसिंहपुर स्थित बालक सुधार केंद्र (बाल सुधार गृह) भेज दिया है।

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सोशल मीडिया और मोबाइल रील्स ने बिगाड़ा भविष्य 
महिला थाना प्रभारी अरुण वाहने ने बताया कि पूछताछ में बेहद चिंताजनक बातें सामने आई हैं। आरोपी बच्चे दिनभर मोबाइल पर गेम खेलने और रील्स देखने के आदी थे। मोबाइल के अत्यधिक इस्तेमाल के कारण वे मैदानी खेलकूद से पूरी तरह दूर हो चुके थे।
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इंटरनेट पर आसानी से उपलब्ध आपत्तिजनक और अश्लील वीडियो-फोटो देखकर इन कम उम्र के बच्चों के कोमल दिमाग पर गहरा और विकृत असर पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने इस गंभीर अपराध को अंजाम दे डाला। पुलिस ने इस घटना के बाद सभी माता-पिता से अपील की है कि वे अपने छोटे बच्चों को मोबाइल से दूर रखें। उनकी इंटरनेट गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखें।

 

 

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