जुन्नारदेव में होटल में छोड़ी गई लावारिस मिठाई ने एक खुशहाल परिवार को मातम में बदल दिया। बुधवार सुबह नागपुर में इलाज के दौरान खुशबू (27) की मौत के साथ ही इस दर्दनाक घटना में मरने वालों की संख्या तीन हो गई है। इससे पहले पीएचई गार्ड दशरू यदुवंशी और बुजुर्ग सुंदरलाल कथूरिया की भी जान जा चुकी है। अब केवल संतोषी बाई अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही हैं।
कैसे शुरू हुई मौत की कहानी
पीएचई विभाग के पास स्थित एक होटल में किसी अज्ञात व्यक्ति ने मिठाई से भरी थैली छोड़ दी थी। जब काफी देर तक कोई व्यक्ति उसे लेने नहीं लौटा तो वहां तैनात गार्ड दशरू यदुवंशी ने थैली से मिठाई का डिब्बा निकाल लिया। उसने मिठाई सुंदरलाल कथूरिया, उनकी पत्नी संतोषी बाई और पोती खुशबू के साथ खा ली। मिठाई खाते ही चारों की तबीयत बिगड़ गई। उल्टी-दस्त, चक्कर और कमजोरी बढ़ने पर सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। किसी ने भी नहीं सोचा था कि यह मिठाई मौत बनकर सामने आएगी।
तीन दिन में तीन मौतें
इलाज के दौरान सबसे पहले 11 जनवरी को दशरू यदुवंशी की मौत हो गई। इसके बाद मंगलवार को सुंदरलाल कथूरिया ने दम तोड़ दिया। बुधवार सुबह नागपुर में खुशबू की भी मौत हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक खुशबू के शरीर के सभी अंग फेल हो चुके थे।
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खुशबू की बहन मुस्कान खरे का कहना है कि खुशबू का अपने ससुराल पक्ष से पारिवारिक विवाद चल रहा था। इसी वजह से वह पिछले एक महीने से मायके में रह रही थी। परिवार को शक है कि कहीं यह मिठाई जान-बूझकर तो नहीं छोड़ी गई, ताकि परिवार को नुकसान पहुंचाया जा सके। मुस्कान ने कहा कि हमें भरोसा है कि यह सिर्फ हादसा नहीं, बल्कि एक साजिश है।
जुन्नारदेव थाना प्रभारी राकेश बघेल ने बताया कि होटल और आसपास के क्षेत्र के सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। मिठाई की थैली रखने वाले व्यक्ति की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही होटल स्टाफ और आसपास के दुकानदारों से भी पूछताछ की जा रही है।
मेडिकल रिपोर्ट बताएगी सच
ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. सुरेश नागवंशी के अनुसार फूड सैंपल की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मिठाई में क्या मिलाया गया था। यदि जहरीले पदार्थ की पुष्टि होती है तो मामला हत्या की साजिश में तब्दील हो सकता है। इस पूरे परिवार में अब केवल संतोषीबाई ही बची हैं, जिनकी हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं। परिवार को डर है कि कहीं वह भी इस जहर की चपेट में न आ जाएं।
घटना के बाद जुन्नारदेव शहर में दहशत का माहौल है। लोग सार्वजनिक स्थानों पर छोड़ी गई किसी भी खाद्य सामग्री को छूने से भी बच रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जाए।