जिले के बीजागोरा से हीरावाड़ी वनमार्ग पर अवैध रेत उत्खनन रोकने गए वनरक्षकों पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की गई। इस खतरनाक हमले के बाद वन विभाग की टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
सोमवार सुबह करीब 8 बजे हीरावाड़ी वन परिक्षेत्र के परिक्षेत्र सहायक योगेश उइके और उनके साथ कार्यवाहक वनपाल, बीटगार्ड बोमल्या अरविंद टांडेकर, बीटगार्ड जंगलडेहरी सागरदास उदासी, बीटगार्ड सातग्वारी विकास भारतीय और बीटगार्ड तिकाड़ी धनकुमार चौधरी वन क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान बीजागोरा से हीरावाड़ी मार्ग पर सातनाला के पास एक ट्रैक्टर को अवैध रूप से रेत का उत्खनन करते हुए पाया गया। वन विभाग की टीम ने ट्रैक्टर को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने वाहन रोकने के बजाय ट्रैक्टर को वनरक्षकों के ऊपर चढ़ाने की कोशिश की। वनकर्मियों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत नाली में कूदकर अपनी जान बचाई। इस घटना के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में अन्य कर्मचारियों को बुलाकर ट्रैक्टर चालक की तलाश शुरू की।
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आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी
घटनास्थल से ट्रैक्टर भाग जाने के बाद वन विभाग की टीम ने तुरंत जांच शुरू की। जानकारी मिलने पर पता चला कि इस वारदात को अंजाम देने वाले ट्रैक्टर चालक के नाम दीपक और साहबराव भोमल (निवासी बीजागोरा) हैं। वन विभाग ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपियों को लावाघोघरी थाना लाकर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया। मामले को गंभीर मानते हुए आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वन विभाग की टीम ने हमले में इस्तेमाल किए गए ट्रेक्टर और ट्रॉली को भी जब्त कर लिया। वाहन को लावाघोघरी परिसर में सुरक्षित रखा गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
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वनरक्षकों की बहादुरी और प्रशासन की सख्ती
इस पूरी घटना में वन विभाग की टीम की सतर्कता और बहादुरी सराहनीय रही। वनरक्षकों ने सूझबूझ से अपनी जान बचाई और तत्परता से कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार करवाया। प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और भविष्य में अवैध उत्खनन के खिलाफ और भी सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।
अवैध उत्खनन पर प्रशासन की नजर
छिंदवाड़ा जिले में रेत माफिया द्वारा अवैध खनन की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। प्रशासन और वन विभाग इस पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठा रहे हैं। यह घटना दर्शाती है कि अवैध उत्खनन करने वाले अपराधी कानून की परवाह किए बिना वन विभाग के कर्मचारियों पर हमले तक करने को तैयार हैं।