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MP News: पिता की बीमारी बनी हत्या का कारण, जादूटोने के शक में तीन भाइयों ने जीजा को बेरहमी से मार डाला

Thu, 14 May 2026 10:00 AM IST
छिंदवाड़ा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा

सार

छिंदवाड़ा जिले के चांद थाना क्षेत्र के रगड़ा गांव में अंधविश्वास के चलते एक दर्दनाक हत्या का मामला सामने आया है। यहां तीन भाइयों ने अपने रिश्ते के जीजा रविशंकर इवनाती की जादूटोना करने के शक में लाठियों से पीट-पीटकर हत्या कर दी।
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मामले का खुलासा करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छिंदवाड़ा के चांद थाना क्षेत्र के रगड़ा गांव में अंधविश्वास ने एक हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया। यहां तीन भाइयों ने अपने ही रिश्ते के जीजा की जादूटोना करने के शक में लाठियों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। आरोपियों को विश्वास था कि उनके पिता की लगातार बिगड़ती तबीयत के पीछे रविशंकर इवनाती का हाथ है। इसी शक ने इतना भयावह रूप ले लिया कि तीनों भाइयों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दे दिया। घटना के बाद गांव में दहशत और मातम का माहौल है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि तीसरा आरोपी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

ससुराल पहुंचा था रविशंकर, कुछ देर बाद शुरू हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार रगड़ा गांव निवासी 45 वर्षीय रविशंकर पिता परसादी इवनाती 11 मई की शाम अपने ससुराल आया हुआ था। गांव में उसके रिश्तेदारों का घर आरोपियों के मकान के पास ही है। बताया जा रहा है कि शाम के समय रविशंकर घर के बाहर बैठा था, तभी सदबान बट्टी, साधू बट्टी और अजेश बट्टी वहां पहुंचे और उससे बहस करने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शुरुआत में मामूली कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही देर में विवाद हिंसक हो गया। तीनों भाइयों ने लाठियां उठाकर रविशंकर पर हमला कर दिया। आरोपियों ने उसके सिर, पीठ और शरीर के अन्य हिस्सों पर लगातार वार किए। गंभीर चोट लगने के कारण रविशंकर जमीन पर गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोग बीच-बचाव करने पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही तोड़ दिया दम

घटना के बाद परिजन और ग्रामीण रविशंकर को अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हत्या की खबर फैलते ही गांव में सनसनी मच गई। सूचना मिलते ही चांद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। सबसे ज्यादा सदमा उसकी पत्नी को लगा, जो आरोपियों की रिश्तेदारी में ही लगती है। एक ही परिवार के भीतर हुए इस खूनी संघर्ष ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।

पिता की बीमारी को मान बैठे जादूटोना

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने जो वजह बताई, उसने सभी को हैरान कर दिया। आरोपियों ने बताया कि उनके पिता बुद्ध बट्टी पिछले करीब एक महीने से बीमार चल रहे थे। परिवार ने उनका इलाज भी कराया, लेकिन तबीयत में कोई खास सुधार नहीं हुआ। इसी बीच गांव में जादूटोना और टोने-टोटके को लेकर चर्चाएं होने लगीं। आरोपियों को शक हो गया कि उनके रिश्ते के जीजा रविशंकर ने ही उनके पिता पर जादूटोना किया है। धीरे-धीरे यह शक उनके मन में गहराता गया। पुलिस के अनुसार इसी अंधविश्वास और गलतफहमी के चलते तीनों भाइयों ने हत्या जैसी वारदात को अंजाम दिया।

वारदात के बाद गांव से भागा तीसरा आरोपी

घटना के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी सदबान बट्टी और साधू बट्टी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं तीसरा आरोपी अजेश बट्टी घटना के बाद से फरार है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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पुलिस टीम को मिलेगा पुरस्कार

हत्या के मामले को सुलझाने और आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी में चांद थाना पुलिस की अहम भूमिका रही। कार्रवाई करने वाली टीम में टीआई राकेश बघेल, एसआई पीसी राठी, एएसआई एलपी गुप्ता, प्रधान आरक्षक सावन ठाकुर, आरक्षक सुरेंद्र बघेल, मयंक रघुवंशी, सतीश बघेल, मोनू चौहान और साइबर सेल से आदित्य शामिल रहे। पुलिस अधीक्षक ने टीम की त्वरित कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी पर उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

गांव में चर्चा का विषय बनी घटना

रगड़ा गांव में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि अंधविश्वास और जादूटोना जैसी मान्यताओं के कारण एक परिवार पूरी तरह बिखर गया। गांव के बुजुर्गों ने लोगों से अपील की है कि बीमारी का इलाज डॉक्टरों से कराएं और अंधविश्वास से दूर रहें।

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