तेजी से अमीर बनने का सपना दिखाकर चौरई नगर और आसपास के गांवों के सैकड़ों लोगों को ठग लिया गया। जयपुर की एक कंपनी ने क्रिप्टो करेंसी और चैन सिस्टम के नाम पर पांच करोड़ रुपये से ज्यादा का खेल कर दिया। शुरू में निवेशकों को हर सप्ताह रिटर्न दिया गया, जिससे भरोसा बढ़ा। इसके बाद सीट नाम की डिजिटल करेंसी लांच कर उसमें पैसा लगवाया गया। कुछ महीनों बाद कंपनी का एप बंद हो गया और संचालक दुबई भाग गए। अब पीड़ित परिवार अपनी मेहनत की कमाई वापस पाने के लिए भटक रहे हैं।
क्या था झांसा?
कंपनी ने दावा किया था कि एक साल में रकम चार गुना हो जाएगी।
शुरुआती हफ्तों में खातों में पैसे भेजे गए।
सीट नाम की डिजिटल करेंसी लॉन्च कर उसकी कीमत 80 रुपये बताई गई।
निवेशकों को दुबई ट्रिप और करोड़पति बनने का लालच दिखाया गया।
जमीनें बेच दीं, सपने बिखर गए
कई परिवारों ने इस लालच में अपनी जमीनें बेच दीं और गाढ़ी कमाई कंपनी के हाथों में सौंप दी। एक पीड़ित ने बताया “पहले तो हर हफ्ते खाते में पैसे आते रहे, हमने सोंचा भविष्य सुरक्षित हो गया है, लेकिन अब न एप चल रहा है और न कंपनी।” दूसरे पीड़ित ने नाम उजागर न करते हुए बताया, “बच्चों की पढ़ाई और शादी के लिए जो बचाया था, सब डूब गया। अब पुलिस-प्रशासन के चक्कर लगा रहे हैं।”
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शिकायतें और मांग
चौरई के अवनीत गंगवाल, प्रदीप शर्मा, नीरज शर्मा समेत कई निवेशकों ने एसपी अजय पांडे और सांसद विवेक बंटी साहू को लिखित शिकायत दी है। आरोप कंपनी संचालक रामस्वरूप काव्या (किशनगढ़, जयपुर) और पीसी जैन पर है। निवेशकों ने मांग करते हुए कहा कि संचालकों को गिरफ्तार किया जाए और रकम वापस दिलाई जाए।
नर्मदापुरम में भी फर्जीवाड़ा
पता चला है कि यही कंपनी नर्मदापुरम जिले में भी ऐसी ही ठगी कर चुकी है। भोपाल एसटीएफ में अपराध क्र. 3/2024 दर्ज है और जांच जारी है। चौरई के पीड़ित चाहते हैं कि यहां भी मामला दर्ज हो।