छिंदवाड़ा नगर निगम मेयर विक्रम आहके की कार्यशैली पर उठे सवाल।
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लोकसभा चुनाव परिणाम सामने आने के बाद छिंदवाड़ा में एक बार फिर सियासी उथल पुथल शुरू हो गई है। कमल नाथ का गढ़ कहे जाने वाली लोकसभा सीट पर बंटी विवेक साहू ने कमल खिला दिया है। नतीजे सामने आने के दो दिन बाद नगर निगम महापौर विक्रम अहाके ने एक बार फिर से पलटी मार ली है। वे नए सांसद विवेक साहू से मिलने पहुंचे और उन्हें जीत की बधाई दी। ऐसे में लोग उन्हें पलतू राम कह रहे हैं। अब देखना यह होगा कि क्या फिर एक बार विक्रम भाजपा में शामिल होंगे।
दरअसल, लोकसभा चुनाव के बीच छिंदवाड़ा मेयर विक्रम अहाके भाजपा में शामिल हो गए थे। चुनाव के बीच काग्रेस को यह बड़ा झटका लगा था। लेकिन, 19 अप्रैल को मतदान से एक दिन पहले विक्रम अहाके ने पलटी मार ली और वे नकुल नाथ के समर्थन में आ गए। इस दौरान उन्होंने लोगों से नकुल नाथ को वोट देकर जिताने की अपील की। अब चुनाव परिणाम सामने आने के बाद नगर निगम मेयर अहाके एक बार फिर विवेक साहू से मिलने पहुंच गए और उन्हें जीत की बधाई दी। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि अहाके अपनी सियासी पकड़ मजबूत कर नगर निगम सरकार को बचाने की फिराक में हैं।
बता दें कि कांग्रेस चुनाव लड़कर मेयर बने विक्रम अहाके कमलनाथ के सबसे खास माने जाते थे। लेकिन, लोकसभा चुनाव के बीच उन्होंने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के समक्ष भाजपा में शामिल हो गए थे। अहाके के भाजपा में जाने के बाद कुछ पार्षदों ने भी कांग्रेस से किनारा कर बीजेपी का दामन थाम लिया था। लेकिन, मतदान के दिन उन्होंने खुद को कमलनाथ का सच्चा सिपाही बताकर सांसद नकुलनाथ को जिताने की अपील की थी।
लोग कह रहे पलटू राम
नगर निगम मेयर अहाके की इस कार्यशैली को लेकर तरह तरह के सवाल भी उठने लगे। लोग उन्हें पलटू राम तक कहने लगे, सोशल मीडिया पर उनकी जमकर फजीहत हुई है। अब उन्हें कांग्रेस एक्सेप्ट नहीं कर पा रही और भाजपा की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है। ऐसे में यह देखना बड़ा ही दिलचस्प होगा कि अहाके को लेकर पार्टियों को अगला कदम क्या होगा।