छिंदवाड़ा में मेडिकल कॉलेज के संबद्धता प्राप्त अस्पताल में लाइट बंद होने से टार्च की रोशनी में मरीजों का उपचार करना पड़ा। जबकि गायनिक वार्ड में पानी भर जाने के कारण महिलाओं को परेशानी हुई। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि जरा सी बारिश ने करोड़ों के छिंदवाड़ा मेडिकल कालेज के अस्पताल की पोल खोल दी।
बता दें, छिंदवाड़ा के अस्पताल में लगभग तीन घंटे तक बिजली बंद रही, जिसके कारण मरीजों को अंधेरे में टार्च की रोशनी में इलाज करना पड़ा। ऐसा दूसरा एक सप्ताह में दूसरी बार हुआ है, जब अंधेरे में मरीजों का इलाज करना पड़ा है। फिलहाल, यहां लाखों रुपये के जनरेटर भी लगाए गए हैं।
लेकिन लाइट बंद होने के कई घंटे बाद भी वह चालू नहीं हो पाए, ऐसे में व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लग गया। इस सारे मामले को लेकर सिविल सर्जन डा सोनिया ने कहा कि मैं किसी काम से सौंसर आई हूं। मुझे जानकारी नहीं है, जनरेटर चालू कर दिए गए होंगे।