छिंदवाड़ा में महापौर पद के चुनावों के लिए भाजपा ने अनंत धुर्वे और कांग्रेस ने विक्रम अहाके को चुना है।
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छिंदवाड़ा का महापौर कौन बनेगा? नगर निगम में अपर आयुक्त रहे अनंत धुर्वे या कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ का भरोसा बनकर उभरे- विक्रम आहके। जवाब वोटिंग के बाद मिलेगा, पर इतना तय है कि कांग्रेस के दिग्गज नेता कमलनाथ के गढ़ में मुकाबला दिलचस्प रहने वाला है।
भाजपा ने तो छिंदवाड़ा से जितेंद्र शाह को टिकट फाइनल भी कर दिया था। घोषणा टल रही थी। तब भाजपा जिला अध्यक्ष बंटी साहू समेत जिले के बड़े नेता सक्रिय हुए। पूर्व मंत्री चौधरी चंद्रभान सिंह समेत अन्य नेताओं का साथ मिला और जितेद्र शाह का मिला हुआ टिकट कट गया। भारी कशमकश के बाद अनंत धुर्वे का टिकट पक्का किया। भाजपा की मंगलवार को अधिकृत सूची जारी हुई, जिसमें अनंत के नाम पर मुहर लगाई गई।
अनंत धुर्वे के जरिए आदिवासी वोटबैंक पर नजर
भाजपा प्रत्याशी अनंत धुर्वे इस समय नगर निगम में सहायक आयुक्त हैं। डेढ़ साल बाद रिटायर होने वाले थे। उन्हें टिकट देने से आदिवासी वोटबैंक पर पार्टी की पकड़ मजबूत हो सकती है। उनका नगर निगम के कर्मचारियों से सीधा संवाद है। इसका फायदा भाजपा को मिल सकता है। इसके अलावा धुर्वे के पक्ष में जो बात रही वह यह थी कि वे व्यवहार कुशल हैं। उनका व्यक्तिगत जनसंपर्क का भी पार्टी को लाभ मिलने का अनुमान है।
विक्रम पर नाथ का भरोसा, बाकी नाराज
पिछले हफ्ते कांग्रेस ने विक्रम आहके को महापौर पद का प्रत्याशी बनाया था। उन्हें पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ का समर्थक माना जाता है। जुन्नारदेव विधायक सुनील उइके का नाम भी पैनल में था। कई नामों को हटाकर विक्रम को टिकट दिया गया है। दरअसल, विधायक सुनील उईके के नाम पर नेताओं में सहमति नहीं बन पा रही थी। इस वजह से विक्रम का नाम आगे आया। छिंदवाड़ा के राजाखोह निवासी विक्रम ने पिछले साल ही ईमलीखेड़ा के वार्ड 35 थुनिया भांड से अपना नाम जोड़ा है। वे ग्रामीण वोटर हैं। कमलनाथ एवं सांसद नकुलनाथ के आने पर ही अहाके नामांकन जमा करेंगे।