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Dewas BJP News:भाजपा की मान्यता निरस्त करने के लिए कोर्ट में पेश किया दावा, राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत अन्य को बनाया पार्टी

Tue, 14 Jun 2022 05:29 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास

सार

भाजपा की मान्यता निरस्त करने के लिए देवास न्यायालय में दावा पेश किया गया है। दावे में उल्लेख किया गया है कि भारतीय जनता पार्टी ने संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन किया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष को पार्टी बनाया है। 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मप्र के देवास में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश सोनम पटेल की कोर्ट में एक दावा पेश किया गया है। यह दावा वरिष्ठ अभिभाषक सुधीर नागर के माध्यम से अभिभाषक जयंत विपट, अभिभाषक असलम गाजी व अभिभाषक राजेश गुप्ता ने पेश किया है और निवेदन किया है कि उनके दावे का परीक्षण कर इसे सुनवाई के लिए रजिस्टर्ड किया जाए।
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जानकारी के अनुसार पेश किए गए दावे में उल्लेख किया गया है कि भारतीय जनता पार्टी ने संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन किया है। निर्वाचन आयोग से मान्यता प्राप्त करने के दौरान भाजपा ने धारा 29ए के तहत घोषणापत्र दिया था। उसका उल्लंघन किया गया है। इसके लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अध्यक्ष जेपी नड्डा, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा व जिलाध्यक्ष राजीव खंडेलवाल को पार्टी बनाते हुए भाजपा की मान्यता निरस्त करने का निवेदन किया गया है। इस मामले का कोर्ट द्वारा परीक्षण करवाया जा रहा है।  यह दावा रजिस्टर्ड होगा या नहीं इस बात का फैसला दावे का परीक्षण करने के बाद 16 जून को होगा। इस दौरान कोर्ट द्वारा यह परीक्षण करवाया जाएगा कि जो दावा किया गया है, वह वाकई में विधि सम्मत है अथवा नहीं। साथ ही यह दावा न्यायालयीन प्रक्रिया में आता है या नहीं। इन तमाम बिंदुओं का परीक्षण किया जाएगा। 

प्रार्थियों के अनुसार देश में रूल ऑफ लॉ यानि कानून का राज होना चाहिए लेकिन केंद्र में बैठी सरकार इसका पालन नहीं करा पा रही है और यह पार्टी के पंजीयन के समय निर्वाचन आयोग को दिए गए घोषणा पत्र बायलॉल आदि का उल्लंघन है। इस दावे में वर्ष 2020 में अनुराग ठाकुर व प्रवेश वर्मा के भाषण का उल्लंघन किया गया है जिसमें कहा गया है कि उस समय निर्वाचन आयोग ने उनके भाषण को आपत्तिजनक माना था और 72 घंटे के लिए उन पर बैन लगाया था लेकिन भाजपा ने अपने कार्यकर्ता के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जो घोषणा पत्र 29ए का उल्लंघन है। डिबेट के माध्यम से भावनाओं को भड़काने का काम टीवी चैनलों आदि के माध्यम से हुआ है लेकिन मिनिस्ट्री ऑफ ब्राडकास्ट ने इस पर अंकुश नहीं लगाया। यह भी पार्टी को करना चाहिए था। हाल ही में नीमच में भी मॉबलिचिंग हुई, पहले भी कई मामले प्रकाश में आए पर भाजपा संगठन ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। जो वादा निर्वाचन आयोग में पंजीयन के दौरान किए गए थे, उनका पालन नहीं किया। भाजपा बहुमत में है जबकि अन्य पार्टियों का भी समर्थन प्राप्त है। ऐसे में भाजपा की जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने कार्यकर्ता और समर्थक पार्टियों के कार्यकर्ताओं से बायलॉज का पालन करवाए। लेकिन ऐसा नहीं हुआ इसलिए यह दावा पेश किया गया है। ताकि संविधान की सार्वभौमिकता स्थापित हो सके।
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हालांकि, यह शंका भी जनता के मन में हो रही है कि अभी मध्यप्रदेश में निकाय व पंचायत चुनाव चल रहे हैं। ऐसे में इस अवधि में यह दावा पेश करना कहीं भाजपा के खिलाफ कोई हथकंडा तो नहीं। इसका जवाब देते हुए अभिभाषक जयंत विपट का कहना है कि देश में कई मामले हुए हैं जब केंद्र में और प्रदेश में भाजपा की सरकार है और इन्होंने रूल ऑफ लॉ की जगह अपना कानून चलाया और जो वादा किया था निर्वाचन आयोग से पार्टी पंजीयन के समय, वह पूरा नहीं किया। इसलिए यह दावा पेश किया गया है। इसकी जगह कोई और पार्टी की सरकार होती और यही स्थिति होती, तब भी उस राजनीतिक पार्टी को पार्टी बनाकर दावा पेश किया जाता।
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