अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पद कांग्रेस के खाते में गए हैं।
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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के गृह जिले में जिला पंचायत चुनाव में कांग्रेस ने जैसे-तैस सरकार बना ली है। गोंडवाना और निर्दलीय प्रत्याशी के गठबंधन के बाद यहां भाजपा ने शिकस्त खाई है। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पद कांग्रेस के खाते में गए हैं। कांग्रेस ने निर्दलीय चुनाव लड़े संजय पुन्हार को अपना अध्यक्ष प्रत्याशी घोषित किया था। भाजपा के पास अनुसूचित जाति का कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था, ऐसे में भाजपा यहां अध्यक्ष पद की दावेदारी नहीं कर पाई और ऐसे में संजय पुन्हार निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष चुने गए।
भाजपा को उपाध्यक्ष पद पर भी हार का मुंह देखना पड़ा। कांग्रेस की ओर से उपाध्यक्ष पद के लिए अमित सक्सेना प्रत्याशी थे, जबकि भाजपा ने संदीप मोहोड़ पर दांव लगाया था। अमित सक्सेना को 15 वोट मिले जबकि संदीप मोहोड़ 9 वोट ही ले पाए। भाजपा का एक वोट रिजेक्ट हो गया। बीजेपी की क्रॉस वोटिंग के चलते अमित सक्सेना चुनाव जीत गए। उपाध्यक्ष चुनाव में भी कांग्रेस को गोंडवाना का सहारा लेना पड़ा।
बताया जा रहा है कि जिला पंचायत चुनाव में कांग्रेस का मैनेजमेंट काफी प्रभावी रहा। निर्दलीय चुनाव जीते संजय पुन्हार को पहले पूर्व सीएम कमलनाथ के समक्ष सदस्यता दिलाई गई उसके बाद उन्हें अध्यक्ष पद के लिए नामित किया गया ऐसे में कांग्रेस को अंदरूनी तौर पर यह डर था कि अध्यक्ष पद के पूर्व दावेदार कहीं लॉबिंग ना करें इसलिए उन्हें संजय के नामांकन के दौरान जिला पंचायत सदस्य लाया ही नहीं गया।
चुनाव जीतने के बाद जैसे ही जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बाहर आए तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अध्यक्ष को छोड़कर उपाध्यक्ष अमित सक्सेना का ज्यादा स्वागत किया। यहां उपाध्यक्ष को सबसे ज्यादा तवज्जो दी गई जबकि अध्यक्ष पीछे की पंक्ति में खड़े नजर आए।