Chhindwara News: शिक्षा विभाग में पदस्थ दो बाबू को वित्तीय अनियमितता भारी पड़ गई, जिसके चलते उन्हें कलेक्टर ने शनिवार को जांच के बाद निलंबित कर दिया। वहीं, इस मामले में बीईओ आईएम भीमनवार पर भी कार्रवाई की गई। जिला शिक्षा अधिकारी के मुताबिक, वित्तीय मामले में अनिमितता के चलते यह बड़ी कार्रवाई हुई है।
शिक्षा विभाग छिंदवाड़ा में पदस्थ दो बाबू को वित्तीय अनियमितता भारी पड़ गई, जिसके चलते उन्हें कलेक्टर ने जांच के बाद निलंबित कर दिया। मामले में बीईओ आईएम भीमनवार पर भी कार्रवाई की गई।
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दरअसल, शिक्षा विभाग के सारना संकुल में पदस्थ बाबू अनिल कुडापे और किशोर जगदाले के द्वारा अपने पर्सनल खाते में लाखों रुपये का ट्रांजेक्शन किया गया था। इसकी शिकायत ट्रेजरी विभाग के द्वारा ट्रेजरी ऑफिसर से की गई थी। ट्रेजरी ऑफिसर ने इसको लेकर जिला शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत की थी।
शिकायत के बाद सहायक संचालक की एक टीम छिंदवाड़ा आई थी, जिन्होंने पूरे मामले में जांच की और 65 लाख रुपये का गबन करना पाया गया। इसके चलते कलेक्टर ने आरोपी बाबू अनिल कुडापे और किशोर जगदले को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। वहीं, लापरवाही के चलते बीईओ से भी वित्तीय प्रभार छीना गया है। उनकी जगह अब डाइट प्राचार्य एमके पांडवा को बीईओ वित्तीय प्रभारी बनाया है।
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वहीं, अशरफ अली बीईओ एकेडमिक की जिम्मेदारी दी है। ट्रेजरी विभाग के द्वारा की गई शिकायत के आधार पर पिछले दिनों जबलपुर से जांच टीम छिंदवाड़ा पहुची थी, जिन्होंने जांच की तो पूरा मामला सामने आ गया और दो बाबू नप गए।