फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chhatarpur News: पीडब्ल्यूडी भवन का अवैध पंजीयन, कलेक्टर ने की बड़ी कार्रवाई; तत्कालीन उप पंजीयक निलंबित

Sat, 11 Oct 2025 01:55 PM IST
तरुणेंद्र चतुर्वेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर

सार

MP News: छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने पीडब्ल्यूडी भवन का अवैध पंजीयन करने के आरोप में तत्कालीन उप पंजीयक कंसू लाल अहिरवार को निलंबित कर दिया।
 
विज्ञापन
छतरपुर में कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई, उप पंजीयक कंसू लाल अहिरवार निलंबित। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए तत्कालीन उप पंजीयक छतरपुर कंसू लाल अहिरवार (वर्तमान पदस्थापना तहसील नौगांव) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) के शासकीय भवन का अवैध पंजीयन करने का आरोप है।

निलंबन आदेश में उल्लेख किया गया है कि लोक निर्माण विभाग की भवन पुस्तिका के अनुसार भवन क्रमांक 64, नजूल शीट क्रमांक 47-ए, भूखंड क्रमांक 120, क्षेत्रफल 307 वर्गमीटर, नगर छतरपुर में स्थित शासकीय संपत्ति है। यह संपत्ति वर्ष 1954 में शासन द्वारा उमाशंकर तिवारी, कानूनगो, को आवंटित की गई थी।

जांच में हुआ खुलासा:

विज्ञापन

जांच में पाया गया कि नगर पालिका अभिलेखों में दर्ज भवन क्रमांक 77 (संपत्ति आईडी 2000410466) के आधार पर विक्रेतागण निशा उपाध्याय (पत्नी स्व. बृजेश उपाध्याय), गोपाल उपाध्याय, विजया उपाध्याय और राकेश उपाध्याय ने यह संपत्ति धीरेन्द्र कुमार गौर (निवासी नौगांव) और दुर्गेश पटेल (निवासी ग्राम बुधगांव, जिला नरसिंहपुर) के नाम विक्रय पत्र तैयार कराया था।

तत्कालीन प्रभारी उप पंजीयक कंसू लाल अहिरवार ने आवश्यक दस्तावेजों की जांच-पड़ताल किए बिना ही उक्त विक्रय पत्र का पंजीयन कर दिया। यह रजिस्ट्री क्रमांक MP37IGR17002025A100470649, 13 जून 2025 को जारी की गई थी।

ये भी पढ़ें- Cough Syrup: 'ड्रग कंट्रोलर को क्लीन चिट क्यों? मतलब भ्रष्टाचार हुआ' जीतू पटवारी ने स्वास्थ्य मंत्री को घेरा

विज्ञापन
विज्ञापन


कलेक्टर ने बताया गंभीर लापरवाही
कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने आदेश में कहा कि अहिरवार का यह कृत्य उनके कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही को दर्शाता है, जिससे शासकीय संपत्ति का अवैध विक्रय पंजीकृत हुआ। यह कार्य मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3(1)(2)(3) के अंतर्गत कदाचरण की श्रेणी में आता है।

इन आरोपों के आधार पर कंसू लाल अहिरवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय छतरपुर रहेगा। इस बीच उन्हें मूलभूत नियम 53(बी) के तहत जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें