इन दिनों बागेश्वर सरकार उड़ीसा के जगन्नाथ पुरी में पांच दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम कर रहे हैं। वे पुरी में श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होने पहुंचे हैं। वहीं, उन्होंने कुंभ जमीन विवाद पर अपना बयान दिया है।
बता दें कि कुंभ की तैयारियों के दौरान इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा था कि महाकुंभ के मेले में जिस तरीके से नागा संन्यासियों ने अखाड़े परिषद और स्वामी बाबाओं ने मुसलमानों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है। उस प्रतिबंध पर अगर देखें तो खुद वो जो जिस जमीन के हिस्से पर तंबू और अखाड़े लगाए हैं, मेला लगा रहे हैं, वो वफ्फ बोर्ड की जमीन है। वहां के मुसलमानों की जमीन है।
इस बयान पर बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर ने जगन्नाथ पुरी में अपने आशीर्वचन के दौरान बगैर किसी का नाम लिए हुए कहा, कुछ दिन पहले किसी भाई साहब ने कुंभ की भूमि को अपना बताया था। उनसे कह दो कि वो जमीन तुम्हारे अब्बा की नहीं, हमारे बब्बा की है। क्योंकि इस्लाम धर्म का जन्म अरब देश से हुआ है, भारत से नहीं हुआ। जो तुम्हारे पास है, वो जमीन हमने तुम्हें दी है और यह उदारता समझो है, नहीं तो तुम्हारा कुछ भी नहीं है, तुम्हारा अलग देश है। सनातन धर्म जैसा कोई धर्म नहीं है, यह एक मात्र ऐसा धर्म है, जो पूरी दुनिया को परिवार मानकर जीता है।
इस दौरान मंच से बागेश्वर सरकार ने हिंदुओं से कहा कि मुसलमान को कुरान का ज्ञान है। ईसाइयों को बाइबल का ज्ञान है। लेकिन हिंदुओं के टूटने और बटने का एक ही कारण है कि हिंदुओं के बच्चों को न गीता का ज्ञान है न रामायण का ज्ञान है। अब हमें इंटेलिजेंट हिंदू बनना है।