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Chhatarpur: बाबा नारायण दास ने 48 घंटे के लिए ली थी समाधि, पुलिस-प्रशासन ने बाहर निकाला, ये थी मांग

Tue, 28 Mar 2023 07:51 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर

सार

मध्यप्रदेश के छतरपुर में गौरैया गांव के सिद्ध पीठ बाबा मंदिर में पुजारी नारायण दास ने मंगलवार को 1:40 बजे समाधि ली थी और 29 तारीख को 1:40 पर निकलने की बात कही थी। फिलहाल, पुलिस-प्रशासन ने मौके पर ही पहुंचकर बाबा को समाधि में से बाहर निकाल लिया है।
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बाबा नारायण दास ने 48 घंटे के लिए ली समाधि - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छतरपुर में मंगलवार को जमीन के अंदर समाधि लेने का मामला सामने आया था। शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के गौरैया गांव में बाबा ने 48 घंटे के लिए समाधि ली थी। सूचना मिलने पर पुलिस-प्रशासन सक्रिय हो गया। मौके पर ही सिविल थाना पुलिस और तहसीलदार पहुंच गए।

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जानकारी के मुताबिक, बाबा नारायण दास कुशवाहा ने मंगलवार दिन में एक बजकर 40 मिनट पर सिद्ध बाबा मंदिर के पास समाधि ली। बाबा पहले भी दो बार समाधि ले चुके हैं। पंचनामा बनाकर पुलिस-प्रशासन ने समाधि से बाबा को निकाल लिया है।

यह है पूरा मामला?
नवरात्र के दिनों में अक्सर लोग विभिन्न तरीकों से पूजा-अर्चना करते हैं। लेकिन छतरपुर के पास के गांव गौरैया में एक मंदिर के पुजारी ने खुद को 48 घंटे के लिए समाधि में भेज दिया था। दर्शनीय समाधि जमीन में लगभग छह फुट गहरा गड्ढा खोद कर ली गई थी। इस गड्ढे को पुजारी के अंदर जाने के बाद पूरी तरीके से ढककर मिट्टी से बंद कर दिया गया था।
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पुजारी का कहना था, 48 घंटे के बाद में जब अंदर से आवाज दूंगा, तब रामनवमी के दिन दोपहर में मुझे बाहर निकाल लिया जाए। गांव के सिद्ध बाबा मंदिर में 60 साल के पुजारी नारायण दास कुशवाहा जो गौरैया गांव के सिद्ध बाबा मंदिर पर रहते हैं और वहीं पूजा-अर्चना करते हैं। वह पहले भी तीन बार इस प्रकार की समाधिया ले चुके हैं। गांव वालों का कहना है कि पहले भी कई बार समाधि ले चुके हैं और इन पर हनुमान जी की कृपा है।

तहसीलदार संध्या अग्रवाल ने बताया, बाबा ने दो से ढाई बजे समाधी ली, जिसे साढ़े तीन चार घंटे बाद करीब छह बजे निकाला गया। पुलिस की तरफ से MLC/डॉक्टरी जांच कराई जा रही है। जांच के बाद विधिसंवत कार्रवाई होगी। बताया जा रहा है कि बाबा ने कुछ जमीन की मांग के लिए समाधि ली थी। फिलहाल, प्रशासन की बाबा से बातचीत के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।

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