छतरपुर कलेक्ट्रेट में जिला पंचायत के सभाकक्ष में जनसुनवाई के दौरान एक युवक ने आत्मदाह करने का प्रयास किया है, जिसे सुरक्षाकर्मियों ने पकड़कर अपने कब्जे में ले लिया है। पकड़े गए युवक का नाम जितेंद्र मिश्रा बताया गया है, जो अपनी शिकायत लेकर जनसुनवाई में पहुंचा था। उसके साथ चार माह पहले मारपीट की घटना घटित हुई थी। आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर खुदकुशी करने का प्रयास किया है।
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार दोपहर जिला पंचायत के कक्ष में मंगलवार की जनसुनवाई चल रही थी। इस दौरान वहां पर एडीएम मिलिंद नागदेवे, जिला पंचायत सीईओ तपस्या सिंह परिहार समेत अन्य अधिकारी पीड़ितों की समस्या सुन रहे थे। इसी दौरान एक युवक ने अचानक खुद पर अत्यंत ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। युवक की यह हरकत देख जनसुनवाई कक्ष में हड़कंप मच गया और अफरा-तफरी का माहौल व्याप्त हो गया। वक्त की नजाकत और मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने युवक को पकड़कर अपने कब्जे में ले लिया, ताकि कोई अनहोनी और वारदात न हो सके।
वहीं, युवक का आरोप है कि उसे महीनों पहले दबंगों ने पीटा था, जिसकी उसने रिपोर्ट की पर पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही। नतीजतन आरोपी मुझ पर ही मामला/रिपोर्ट वापस लेने का दवाब बना रहे हैं और मुझे प्रताड़ित कर रहे हैं। बता दें कि आत्महत्या की कोशिश करने वाला लवकुशनगर थाना क्षेत्र के ग्राम मुड़ेरी मिश्रन पुरवा का रहने वाला जितेंद्र मिश्रा है। जहां वह बताता है कि 14 अगस्त 2024 को गांव के ही कृष्णकांत गर्ग ने चुनावी रंजिश के चलते अपने साथी पूप्पू गर्ग, गनेश गर्ग, सत्यम तिवारी, दीपू तिवारी, बल्लू मिश्रा और रज्जू शुक्ला के साथ मिलकर उसकी (जीतेन्द्र मिश्रा) की जमकर मारपीट की थी। मामले की लवकुशनगर थाने में रिपोर्ट भी दर्ज करते हुए FIR की गई थी। बावजूद इसके पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की और न ही आरोपियों को पकड़ा है।
घर आकर देते जान से मारने की धमकी
जितेन्द्र का कहना है कि पुलिस 29 सितंबर 2024 को सिर्फ आरोपी सत्यम तिवारी, दीपू तिवारी एवं रज्जू शुक्ला को गिरफ्तार किया है। फरार आरोपी कृष्णकांत गर्ग सहित अन्य को गिरफ्तार नहीं किया, जिससे कि अब वह फरार आरोपी उस पर राजीनामे का दबाव बना रहे और आए दिन धमकियां देते हैं। आरोप है कि उसने पहले कई बार पुलिस अधिकारियों से भी न्याय की गुहार लगाई। लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसी नाराजगी के चलते उसने यह कदम उठाया। पीड़ित जीतेन्द्र मिश्रा का कहना है कि पांच अक्तूबर को आरोपी कृष्णकांत गर्ग, गनेश गर्ग और बल्लू मिश्रा पुलिसकर्मियों के साथ मुझसे मिलने भी आए थे, जिसके CCTV फुटेज भी मेरे पास हैं।
खेत में छोड़ देते हैं जानवर
जितेंद्र की पत्नी बबली मिश्रा का कहना है कि आरोपी उनके खेत में आवारा पशु छोड़कर फसल बर्बाद कर देते हैं। साथ ही आए दिन घर आकर जान से मारने की धमकी देते हैं। आरोप हैं कि कृष्णकांत गर्ग के ऊपर जिले के विभिन्न थानों में हत्या, लूट, डकैती, महिलाओं से छेड़छाड़ जैसे संगीन अपराध दर्ज हैं और उस पर कार्रवाई भी हो चुकी है, बावजूद इसके पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर रही है।
बीजेपी के पूर्व विधायक आए युवक के पक्ष में
वहीं, मौके पर पहुंचे पीड़ित युवक के पक्ष में बीजेपी के पूर्व विधायक राजेश प्रजापति ने अपने ही सरकार के राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार (जो कि चंदला विधानसभा से बीजेपी विधायक हैं) जिन पर उक्त आरोपियों को सरक्षंण देने के आरोप लगाये हैं। वहीं, जब इस पूरे मामले पर ADM मिलिंद नागदेवे से बात करनी चाही पर उन्होंने कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया।