MP: जिला अधिवक्ता संघ चुनाव 2025-27 के परिणाम देर रात घोषित हुए। 935 में से 859 मतदाताओं ने मतदान किया। अध्यक्ष पद पर शिवप्रताप सिंह चौहान (रिशु) ने 323 मतों से जीत दर्ज की, जबकि सचिव पद पर अनिल कुमार द्विवेदी 285 मत पाकर निर्वाचित हुए। कोषाध्यक्ष पद पर आशीष पटैरिया निर्विरोध चुने गए।
जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव के परिणाम शनिवार को संपन्न हुए। वर्ष 2025-27 के लिए हुए इस चुनाव में कुल 935 में से 859 मतदाताओं ने वोट डाला। अधिवक्ता संघ के चुनाव परिणाम की गणना पूरी होने पर रात्रि करीब 3 बजे घोषित किए गए। अध्यक्ष पद पर शिवप्रताप सिंह चौहान (रिशु) ने 323 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की जबकि सचिव पद पर अनिल कुमार द्विवेदी 285 मतों के साथ निर्वाचित घोषित किए गए।
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अध्यक्ष पद के लिए हुए मुकाबले में शिवप्रताप सिंह चौहान (रिशु) ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी राकेश कुमार दीक्षित को 101 मतों के अंतर से पराजित किया। राकेश कुमार दीक्षित को 222 मत मिले। अन्य उम्मीदवारों में नरेंद्र कुमार खरे को 121, विनोद कुमार दीक्षित (गुड्डू वकील) को 58, नरेंद्र कुमार त्रिवेदी को 56, रामनारायण कुशवाहा को 33 तथा मनोज कुमार व्यास को 29 मत प्राप्त हुए। इस पद पर 9 मत निरस्त घोषित किए गए। वहीं कोषाध्यक्ष के पद पर निर्विरोध आशीष पटैरिया को चुना गया।
सचिव पद के चुनाव में मुकाबला काफी रोचक रहा
अनिल कुमार द्विवेदी ने 285 मत प्राप्त कर जीत हासिल की, जबकि वशिष्ट नारायण श्रीवास्तव को 277 मत मिले। दोनों के बीच मात्र 8 मतों का अंतर रहा। अभिलाष पटेरिया को 206 तथा बीरेंद्र कुमार तिवारी को 31 मत प्राप्त हुए। सचिव पद पर 68 मत निरस्त किए गए। उपाध्यक्ष पद पर लखन लाल द्विवेदी ने 327, महिला उपाध्यक्ष रश्मि यादव ने 248, सहसचिव सुरेंद्र मिश्रा ने 500, ग्रंथपाल मुकेश कुमार बाजपेई ने 458 मत प्राप्त कर जीत हासिल की। परिणाम घोषित होते ही नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के समर्थकों में हर्ष का माहौल रहा। अधिवक्ताओं ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष व सचिव को बधाई देते हुए उनसे संघ हित में प्रभावी कार्य करने की अपेक्षा जताई।
युवा मतदाताओं पर रही सबकी नजर
अधिवक्ताओं के हितों की लड़ाई और समसामयिक घटनाओं पर नजर रखने वाले अधिवक्ता शिवप्रताप सिंह चौहान (रिशु) की टीम में सबसे ज्यादा युवा अधिवक्ताओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। युवा अधिवक्ताओं ने शुरू से ही पूरे जोश के साथ काम करना शुरू कर दिया था। वहीं नए और पिछले बार से एक ही पद पर दावेदारी कर रहे उम्मीदवार इस बार विजय प्राप्त करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाते नजर आ आए।