कलेक्टर चेंबर के बाहर नारेबाजी की गई।
- फोटो : अमर उजाला
कलेक्टर चेंबर तक पहुंचे प्रदर्शनकारी
एडीएम के लौटने और कलेक्टर के मौके पर नहीं पहुंचने से नाराज प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और सीधे कलेक्ट्रेट कार्यालय में प्रवेश कर गए। वे कलेक्टर चेंबर के बाहर पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। हालांकि, कलेक्टर के चेंबर में मौजूद नहीं होने पर वे वापस बाहर आए और बाद में एडीएम को ज्ञापन सौंप दिया।
ज्ञापन में बताया गया कि महोबा रोड स्थित पुलिस चौकी के पास एक वाहन की टक्कर के बाद विवाद शुरू हुआ। पीड़ित पक्ष द्वारा इलाज कराने की बात कहने पर आरोप है कि कुछ युवकों ने अपने साथियों को बुलाकर दंपति के साथ मारपीट की। इसी दौरान 2 वर्षीय बच्ची को कथित रूप से बस के सामने फेंक दिया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई और उसके पैर में फ्रैक्चर हो गया।
ये भी पढ़ें- MP: आवारा कुत्ते का खौफ, सात ग्रामीणों व चार मवेशियों को बुरी तरह से काटा; 80 साल के बुजुर्ग के लगे 35 टांके
प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे।
- फोटो : अमर उजाला
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। आरोप है कि बाद में जब पुलिस आरोपी पक्ष के घर पहुंची तो वहां पुलिस पर पथराव किया गया। इस दौरान पुलिस टीम पर हमला होने तथा विस्फोटक जैसी वस्तुएं फेंके जाने के भी आरोप लगाए गए हैं, जिसमें कुछ लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। सर्व हिंदू संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि मामले में शामिल सभी आरोपियों की निष्पक्ष जांच कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही संदिग्ध मकानों की जांच कर अवैध गतिविधियों पर भी कार्रवाई की मांग की गई है।
उग्र आंदोलन का अल्टीमेटम
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो शहर बंद कर उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इधर, प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक लापरवाही को लेकर भी सवाल उठाए गए। संगठन के पदाधिकारियों ने छतरपुर एसडीएम प्रशांत पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आपात स्थिति में उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इस संबंध में एडीएम से शिकायत भी की गई।
संगठन का आरोप है कि जब एसडीएम से जवाब मांगा गया तो उन्होंने कहा, "हम सो रहे थे।" इस कथित जवाब पर संगठन ने नाराजगी जताते हुए प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। फिलहाल पूरे मामले की पुलिस जांच जारी है और क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।