मध्यप्रदेश छतरपुर में स्थित देश की सबसे बड़ी हीरा खदान की बोली के लिए बिड़ला और अडानी समूह आमने-सामने हैं। सरकार ने इन खदानों के लिए सरकार ने इस खदान की बोली (ऑफसेट प्राइज) 55 हजार करोड़ रुपये तय की थी लेकिन बोली शुरू होने के 24 घंटे के अंदर यह 80 हजार करोड़ रुपये पहुंच गई है।
छतरपुर जिले में स्थित बक्सवाह की इस बंदर हीरा खदान के लिए मंगलवार को बोली शुरू हुई थी। सरकार को इस नीलामी से खासा राजस्व मिलने की उम्मीद है। बता दें कि छतरपुर की बंदर हीरा खदान के लिए पांच कंपनियों ने 13 नवंबर को खुली प्रथम चरण की निविदा में बोली जमा कर अपना दावा प्रस्तुत किया था। लेकिन, मंगलवार शाम को जारी बिड में अडानी और बिड़ला समूह ही बचे हैं।
बोली में शामिल कंपनियों के लिए शर्तें
देश की सबसे बड़ी खदान के लिए नीलामी में भाग लेने के लिए भारत सरकार के नियमानुसार लगभग 56 करोड़ रुपए की सुरक्षा निधि जमा कराई जानी थी। इसके लिए आवेदन कंपनी की नेटवर्थ कम से कम 1100 करोड़ रुपए होना आवश्यक था। उल्लेखनीय है 55 हजार करोड़ की यह खदान रियो टिंटो कंपनी ने छोड़ी थी।
किसे मिलेगा खदान
हीरा खदान की बोली में अव्वल आने वाली कंपनी को 11.50 प्रतिशत से अधिक जो भी अंतिम बोली होगी, उस पर रायल्टी जमा करना पड़ेगा। मतलब कंपनी को 1000 करोड़ मूल्य के हीरा खनन करने पर 3.50 करोड़ रुपये बतौर रायल्टी सरकार को देनी होगी।