छिंदवाड़ा के अपराजित ने चंद्रयान मिशन में अहम भूमिका निभाई।
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हर पिता का सपना होता है कि उनका बेटा बड़ा होकर कुछ ऐसा करे कि सिर गर्व से ऊंचा हो जाए, लेकिन जब बेटे की मेहनत सफल हो और पिता उसकी मेहनत के सुनहरे पल में शामिल ना हो तो उसके लिए यह किसी मलाल से कम नहीं होगा। कुछ ऐसा ही हुआ छिंदवाड़ा के ट्रैफिक डीएसपी रामेश्वर चौबे के साथ। चंद्रयान 3 को जिस टीम ने चांद पर पहुंचाया है उसमें उनका बेटा अपराजित चौबे भी शामिल था। उसकी भी इस मिशन में अहम भूमिका थी।
हालांकि, जिस समय चंद्रयान चंद्रमा पर लैंड कर रहा था, उस समय रामेश्वर चौबे सीएम के आगमन की तैयारियों के लिए बुलाई गई आपात बैठक में शामिल थे, उनकी पत्नी ने उन्हें फोन पर इसकी जानकारी देना चाही, लेकिन वे फोन भी रिसीव नहीं कर पाए, बाद में जब मीटिंग से वे बाहर आए तो उन्हें जैसे ही इसकी जानकारी लगी, उनकी आंखें नम हो गईं, क्योंकि कर्तव्यनिष्ठा भी जरूरी थी और उनके वैज्ञानिक बेटे के सुनहरे पल को टीवी पर देखना भी जरूरी था, ऐसे में उन्होंने कर्तव्यनिष्ठा को ज्यादा महत्व दिया। बाद में उन्होंने त्रिवेंद्रम में पोस्टेड अपने बेटे अपराजित चौबे से बात की और उन्हें बधाई दी।
इसरो में तैनात हैं अपराजित चौबे
अपराजित चौबे इसरो में पदस्थ हैं। उन्होंने गुवाहाटी आईटीआई से पढ़ाई की है। अपराजित चौबे ने प्राथमिक शिक्षा रायपुर से की है। उनकी बाकी पढ़ाई, इंदौर और गुना से हुई है। उन्होंने आईटीआई की परीक्षा पहले ही टर्म में पास की। गुवाहाटी कॉलेज से उन्होंने इलेक्ट्रानिक एंड माइनर कंप्यूटर में डिग्री हासिल की। इसके बाद वे 2018 में इसरो में बतौर वैज्ञानिक नियुक्त हुए। बाद में वे चंद्रयान मिशन के हिस्सा बने।