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व्यापम पीएमटी-2012 घोटाला: 592 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश, व्यापम के 4 पूर्व अधिकारी भी शामिल

Thu, 23 Nov 2017 06:14 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला
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मध्यप्रदेश व्यापम की बिल्डिंग
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मध्यप्रदेश में मेडिकल दाखिला परीक्षा पीएमटी-2012 में हुए घोटाला मामले में सीबीआई ने गुरुवार को व्यापम के चार पूर्व अधिकारियों समेत 592 आरोपियों के खिलाफ स्पेशल जज डीपी मिश्रा की कोर्ट में चार्जशीट पेश किया। 

कोर्ट में पेश की गई सीबीआई चार्जशीट में व्यापम के चार पूर्व अधिकारियों का नाम भी शामिल है। आरोपियों की सूची में व्यापम के तत्कालीन निदेशक पंकज त्रिवेदी, तत्कालीन वरिष्ठ सिस्टम एनालिस्ट नितिन मोहिन्द्रा, तत्कालीन डिप्टी सिस्टम एनालिस्ट अजय कुमार सेन और तत्कालीन प्रोग्रामर सीके मिश्रा के नाम दर्ज हैं। 
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  The four former VYAPAM officials named in CBI chargesheet  are Pankaj Trivedi(the then director VYAPAM,Nitin Mohindra(the then Sr system analyst), Ajay kumar Sen(the then deputy system analyst) and CK Mishra(the then programmer) — ANI (@ANI) November 23, 2017

सीबीआई की चार्जशीट में कई निजी कॉलेजों के चेयरमेन के नाम भी शामिल हैं। चिरायु मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन अजय गोयंका, पीपुल्स मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन एसएन विजयवर्गीय, भोपाल मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन सुरेश सिंह भदौरिया और एलएन मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन जेएस चौकसे के नाम सीबीआई चार्जशीट में है। 
  #VYAPAM Names in CBI chargesheet of Private Colleges Chairmans: Ajay Goenka, Chirayu medical college,SN Vijaywargiya, Peoples medical college,Suresh Singh Bhadauria, Medical college Bhopal and JN Chowkse, LN Medical college — ANI (@ANI) November 23, 2017

सीबीआई की जांच में ये सामने आया कि सैकड़ों छात्र-छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले इस परीक्षा घोटाले में पीपुल्स मेडिकल कॉलेज की बड़ी भूमिका रही है। सीबीआई के मुताबिक पीपुल्स मेडिकल कॉलेज का प्रबंधन मेरिट में आने वाले छात्र-छात्राओं को सरकारी कोटे की सीटों पर दाखिला देता था और फिर उनसे सीटें स्वेच्छा से सरेंडर करवाकर कालेज की सीटों को मुहं मांगी कीमत पर बेचता था। एक अनुमान के मुताबिक व्यापम के पीएमटी-2012 घोटाले में 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि का लेनदेन हुआ था और 5000 से ज्यादा छात्र-छात्राएं इससे प्रभावित हुए थे। 
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सीबीआई के चार्जशीट पेश करते ही कोर्ट में अग्रिम जमानत लेने वालों का तांता लग गया। यह अपराध गैर-जमानती है और गिरफ्तारी हो सकती है इसलिए कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी पेश की गई। 
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