गाय के शव को पेड़ से उतारने की कोशिश करते ग्रामीण
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मध्यप्रदेश के राजगढ़ में गोशाला संचालक की लापरवाही की वजह से 25 गायों की मौत हो गई। इनमें से कई के शव गोशाला के अंदर पेड़ों पर लटके मिले हैं। दरअसल, राजगढ़ में बाढ़ आई थी, जिसमें गायों की डूबने से मौत हो गई। गोशाला संचालक ताला लगाकर चला गया था, जिससे गायों को बचने के लिए मौका नहीं मिला और गोशाला की कैद में उनकी मौत हो गई। गोशाला संचालक समेत तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
मामला राजगढ़ जिले के तलेन थाना क्षेत्र के निंद्राखेड़ी गांव का है। प्रीतम गोशाला में 25 गायें थीं। राजगढ़ में लगातार बारिश हो रही थी, इससे उगल नदी में बाढ़ की स्थिति बन गई थी। शुक्रवार को तीन दिन बाद बाढ़ का पानी उतरा तो गायों के शव खेत, नदी, झाड़ियों के अलावा पेड़ों पर लटके देखे गए। ग्रामीणों ने मामले की जानकारी पुलिस प्रशासन को दी। हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं ने भी नाराजगी जाहिर की। प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद तलेन थाना पुलिस ने गोशाला संचालक समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। दो को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने सभी मृत गायों को दफनाया। निंद्राखेड़ी गांव में प्रीतम राजपूत उर्फ प्रीतम महाराज प्रीतम गोशाला का संचालन करते हैं। यहां करीब 100 गाय थीं।
दरअसल, भारी बारिश में गोशाला संचालक और कर्मचारी ताला लगाकर चले गए थे। बाढ़ का पानी गोशाला में घुस गया। देखते ही देखते गोशाला की गाय नदी के पानी में डूब गईं। तीन दिन बाद थाना प्रभारी उमेश मुकाती, नायब तहसीलदार और नगर पालिका सीएमओ को सूचना मिली कि गोशाला से आधा किलोमीटर की दूरी पर 25 गायों के शव पड़े हैं। इसके बाद पुलिस ने गायों का पोस्टमार्टम कराया है।