मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में एक उम्मीदवार का नामांकन इसलिए निरस्त कर दिया गया क्योंकि उसके घर में शौचालय नहीं था। संभवत: यह प्रदेश का पहला मामला हैं जिसमें शौचालय न होने के चलते किसी उम्मीदवार का नामांकन निरस्त कर दिया गया हो। मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज (संशोधन) नियम 2016 के उप नियम में पंचायत चुनाव में शामिल होने वाले प्रत्येक उम्मीदवार के लिये उसके घर में पानी की सुविधा सहित शौचालय का होना अनिवार्य किया गया हैं।
बैतूल जिले में जिला पंचायत के रिक्त पद के लिए उप चुनाव की प्रक्रिया चल रही हैं। यहां से जिला पंचायत सदस्य रहे मंगल सिंह धुर्वे के विधायक चुने जाने के बाद यह पद रिक्त हुआ था। नए नियम के तहत चुनाव लडऩे वाले सभी उम्मीदवारों के घर शौचालय होना अनिवार्य हैं। ऐसे में एक उम्मीदवार का नामांकन इस नियम को पूरा नहीं किए जाने पर निरस्त कर दिया गया।
एक पंचायत अधिकारी ने बताया कि बैतूल जिला कलेक्टर और निर्वाचन अधिकारी शशांक मिश्रा ने पंचायत उप चुनाव में उम्मीदवार संतोष पंद्राम का नामांकन पत्र निरस्त कर दिया क्योंकि उसके घर में शौचालय नहीं था। उन्होंने बताया कि नामांकन पत्र के कॉलम जिसमें घर में शौचालय है या नहीं के विकल्प पर पंद्राम ने नहीं का विकल्प चुना था। इसके बाद निर्वाचन अधिकारी ने जांच के दौरान पंद्राम से रूबरू इस बात की तस्दीक करने के बाद उसका नामांकन-पत्र निरस्त कर दिया।