मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के गोहपारू थाने के अंतर्गत प्रेमी ने अपनी प्रेमिका साथ शादी से इंकार कर दिया, जिसके बाद लड़की के पूरे परिवार ने डैम में कूद कर आत्महत्या कर ली।
मलमाथर गांव के रामभारत सिंह की बेटी अभी 11वीं कक्षा की छात्रा थी जिसका संबंध गांव के ही भीमसेन से था। छात्रा इस दौरान गर्भवती हो गई, तब लड़की के पिता ने उसकी शादी उसके प्रेमी से कराने की सोची।
जिसके लिए गांव में पंचायत बुलाई गई। ग्राम पंचायत सरपंच झिरिया बाई के मुताबिक 16 जून को बैठी पंचायत में समाज के लोग मौजूद थे लेकिन उस दौरान भीमसेन ने शादी करने से इंकार कर दिया।
एक बेटा बचा जिंदा
लड़के की ओर से शादी के लिए न सुनकर राम भरत सिंह को समाज में अपनी प्रतिष्ठा गंवाने का डर लगने लगा। जिसके बाद वो पूरे परिवार सहित डैम में कूद कर आत्महत्या कर ली।
परिवार के जीवित बचे बेटे 15 वर्षीय संतोष सिंह आत्महत्या से पहले की कहानी बताई। संतोष ने बताया कि कि उसके पिता ने घर के सभी सदस्यों से डैम पर चलने के लिए कहा था।
उसने घर से निकलने से पहले ही आत्महत्या करने की सोच ली थी, लेकिन संतोष इसका विरोध कर रहा था। जिसके बाद संतोष के मुंह पर गमछा बांध कर उसे अपने साथ लेकर गए।
सबके कमर में बांध दी रस्सी
संतोष ने पुलिस को बताया कि जब उसके पिता पूरे परिवार के साथ डैम पर गए तो उन्होंने कहा कि अब सबकी मौत का वक्त आ गया है।
उसके बाद उसने अपनी बेटी, दोंनो बेटे और पत्नी के कमर में रस्सी बांध दी, लेकिन संतोष उसे छुड़ा कर भाग गया। इस मामले में आरोपी भीमसेन को धारा 376 और धारा 306 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
डीएसपी एसपी सिंह ने बताया कि भीमसेन और उसके पिता को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में आरोपी बनाया है। पुलिस दोनों को गिरफ्तार करके पूछताछ कर रही है।