अपनी विवादित टिप्पणियों के लिए पहचाने जाने वाले भाजपा नेता और केंद्रीय लघु, मध्यम उद्योग मंत्री गिरिराज सिंह ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। बीती रात यहां एक कार्यक्रम में सिंह ने कहा कि उनके गांव में मंदिर से ज्यादा तेज आवाज मस्जिद से आती है। इतनी तेज कि यदि खुदा नींद की गोली खाकर भी सोया हो तो जाग जाए। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में लोकतंत्र तभी तक सुरक्षित है, जब तक बहुसंख्यक आबादी है। जिस दिन बहुसंख्यक आबादी कम होगी, लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा। लिहाजा देश में सभी धर्मों के लिए एक जनसंख्या नियंत्रण कानून बनना आवश्यक है।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बृहस्पतिवार को ‘राष्ट्रवाद के संकल्प से नव भारत की सिद्धि’ विषय पर अपने विचार रखते हुए दावा किया कि पिछले 70 साल में देश में हिंदुओं की आबादी 90 से घटकर 72 प्रतिशत पर आ गई है। जबकि मुसलमानों की 8 से बढ़कर 22 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने कहा कि देश के 54 जिले ऐसे हैं, जहां जनसंख्या का स्तर बदल गया है और हिंदू आबादी घट गई है। डेमोग्राफी में यह बदलाव देश की एकता अखंडता और राष्ट्रवाद के लिए खतरा है।
सिंह ने दावा किया कि, 'दक्षिण भारत के मल्लपुरम में 1300 ईसाई बेटियां लव जिहाद के कारण लापता हैं। जिन 54 जिलों का जिक्र कर रहा हूं, उनमें मल्लपुरम के आसपास के 15 जिले, पश्चिम बंगाल के 9, असम के 12, बिहार के 4 और यूपी के कुछ जिले शामिल हैं। जनसंख्या का मुद्दा सरकार से ज्यादा जनता के लिए चिंता का विषय है। इसके खिलाफ आवाज उठनी चाहिए। आबादी के मामले में अमेरिका 22 साल से जस का तस है। जो हमारे देश में होता है, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, मलेशिया और पाकिस्तान में भी नहीं होता। हमारे यहां तो मजहब आड़े आ जाता है। पाकिस्तान जब बना तो वहां 22 फीसदी हिंदू थे, जो घटकर अब एक फीसदी रह गए हैं।'
पाकिस्तान में बोलते तो फारूक की जुबान काट ली जाती
अपने भाषण में केंद्रीय मंत्री ने नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला पर भी हमला बोला। कहा कि खाते यहां के हैं और बातें पाकिस्तान की करते हैं। शुक्र है कि वे पाकिस्तान में नहीं हैं। यदि पाकिस्तान में यह भाषा बोलते तो उनकी जुबान काट ली जाती। गौरतलब है कि फारूक ने कहा था कि पाकिस्तान ने चूड़ियां नहीं पहन रखी हैं कि वो भारत को पीओके पर कब्जा करने देगा। उसके पास भी एटम बम है।