शिवपुरी में थार से पांच लोगों को टक्कर मारने वाले बेटे के भाजपा विधायक प्रीतम लोधी को पार्टी की तरफ से नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा गया था। बुधवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की तरफ से विधायक प्रीतम लोधी को नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में कहा गया था कि पिछले कुछ दिनों में आपके द्वारा किया गया आचरण अत्यंत आपत्तिजनक है, जो पार्टी के अनुशासन के अनुरूप नहीं है। नोटिस में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि विधायक को 3 दिन के भीतर अपने आचरण पर अपना पक्ष रखना होगा। आज खुद विधायक प्रीतम लोधी सीएम यादव से मिले और उन्होंने अपनी बात सामने रखी।
क्या कहा विधायक ने?
सीएम मोहन यादव से मुलाकात करने के बाद उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात हुई है। नोटिस का जवाब हमने दे दिया है। पार्टी ने ट्यूशन दी और साथ में हिदायत भी दी है। हमसे कहा कि तुमने ऐसा क्यों किया? हमने कहा कि मेरे लड़के का जुलूस निकाला तो मैं थोड़ा तैश में आ गया। मुंह से शब्दावली उल्टी निकल गई।...खेद तो व्यक्त कर रहे हैं न। उन्होंने आगे कहा कि अधिकारी अपने ही हैं, सरकार में काम कर रहे हैं। हम पार्टी का नुकसान नहीं करवाएंगे और किसी अधिकारी का भी नुकसान नहीं करवाएंगे।
किस मामले में सुर्खियों में आए लोधी?
दरअसल, भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के बेटे की थार गाड़ी ने पांच लोगों को 16 अप्रैल को टक्कर मार दी थी। इस मामले में भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के बेटे के खिलाफ एसडीओपी आयुष जाखड़ ने कार्रवाई की। इस पर विधायक ने उन्हें ‘करैरा तेरे डैडी का नहीं है’ और सरकारी आवास में गोबर भर देने की धमकी दी। विधायक ने यह तक कहा कि तुमको दिल्ली से निर्देश मिल रहे है, किससे निर्देश मिल रहे है उनका नाम बताएं। विधायक ने एसडीओपी को धमकी देते हुए कहा कि उनका बेटा करैरा आएगा और अब वहां से चुनाव भी लड़ेगा तेरे डैडी में दम हो तो रोक लेना...। इस तरह की भाषा के बाद विधायक के खिलाफ कार्रवाई की लगातार मांग उठ रही थी।
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आईपीएस एसोसिएशन ने कार्रवाई की मांग की थी
बता दें इससे पहले मध्य प्रदेश भारतीय पुलिस सेवा एसोसिएशन भी विधायक के बयान को आपत्तिजनक बताते हुए उसकी निंदा की थी। उन्होंने मामले में विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की थी। वहीं, मध्य प्रदेश कर्मचारी संगठनों ने भी विधायक के अधिकारियों को धमकाने के मामले पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।