दमोह जिले में भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर की संदिग्ध सड़क हादसे में मौत के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मंगलवार शाम सागर नाका चौकी क्षेत्र स्थित मडियाहार नर्सरी के सामने हुई इस घटना को लेकर अब हत्या की आशंका भी जताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के दावों और घटनास्थल की परिस्थितियों ने मामले को साधारण सड़क हादसे से कहीं ज्यादा गंभीर बना दिया है।
तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने मारी बाइक को टक्कर
जानकारी के अनुसार, बांसा निवासी देवेंद्र ठाकुर मंगलवार शाम करीब 4:30 से 5 बजे के बीच बाइक क्रमांक एमपी-34-5650 से दमोह से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान तीन गुल्ली और सागर नाका चौकी के बीच संजय निकुंज के सामने पीछे से तेज रफ्तार सफेद स्कॉर्पियो (एमपी-04-एसजे-0999) ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि देवेंद्र ठाकुर सड़क पर दूर जा गिरे और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के दावों से बढ़ा शक
घटना के बाद सामने आए प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि टक्कर मारने के बाद चालक ने स्कॉर्पियो को दो से तीन बार आगे-पीछे किया। इन दावों के बाद मामला सुनियोजित हत्या जैसा प्रतीत होने लगा है। घटनास्थल पर भारी मात्रा में खून फैला मिला और शव काफी दूर तक घिसटता हुआ दिखाई दिया। घटना की भयावहता देखकर मौके पर मौजूद लोग भी दहशत में आ गए।
वाहन छोड़कर फरार हुआ चालक
हादसे के तुरंत बाद चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। हालांकि कुछ दूरी पर सागर रोड बाईपास स्थित निर्माणाधीन नए बस स्टैंड के पास स्कॉर्पियो लावारिस हालत में मिली। पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है। प्रारंभिक जांच में वाहन भोपाल पासिंग का बताया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई खबर
भाजपा नेता की मौत की खबर सोशल मीडिया पर वायरल होते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हड़कंप मच गया। घटनास्थल पर पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैयाबड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और समर्थकों के साथ पहुंच गए। जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी स्वयं घटनास्थल पहुंचे और अधिकारियों को हर एंगल से जांच के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदौरिया और सीएसपी एचआर पांडे के नेतृत्व में कोतवाली और देहात थाना पुलिस जांच में जुटी हुई है।
एसएफएल और डॉग स्क्वॉड ने जुटाए साक्ष्य
मंगलवार रात सागर से एसएफएल, फिंगरप्रिंट और डॉग स्क्वॉड टीम दमोह पहुंची। टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए और बारीकी से जांच की। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। बुधवार सुबह पुलिस की मौजूदगी में शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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पहले से विवाद की बात भी आई सामने
एसपी आनंद कलादगी के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में पहले से विवाद होने की बात भी सामने आ रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना महज सड़क हादसा थी या पहले से रची गई साजिश का हिस्सा। आरोपी चालक की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।