मध्य प्रदेश में पिछले विधानसभा चुनाव में भारी बहुमत से सत्ता में वापसी करने वाली भाजपा लोकसभा चुनाव में भी अपनी जीत को लेकर काफी उत्साहित है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तो सूबे की सभी 29 सीटों पर जीत हासिल करने का दावा कर रहे हैं।
पूरे प्रदेश में भाजपा की करारी चुनौती के सामने छिंदवाड़ा से कमलनाथ और गुना से ज्योतिरादित्य सिंधिया की दो सीटों पर कांग्रेस की संभावनाएं काफी अच्छी हैं।
दिग्विजय सिंह पहले ही राज्यसभा चले गए हैं, अन्यथा उनके राजगढ़ से लड़ने की स्थिति में कांग्रेस को यह सीट भी मिल सकती थी।
नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की 40 सीटें भाजपा के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। इन दोनों राज्यों में कुछ महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अच्छी सफलता हासिल की है।
मध्य प्रदेश में भाजपा का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन 2004 में रहा था, जब पार्टी ने 29 में से 25 सीटें हासिल की थीं। दिग्विजय सिंह के दस साल के शासन के खिलाफ उस समय एक जबरदस्त लहर थी।
मध्य प्रदेश में आप क्या करेगी
आम आदमी पार्टी ने प्रदेश में पांच लाख सदस्य बना लिए हैं। वह सभी 29 सीटों पर अपने उम्मीदवार भी उतार रही है। आप की उपस्थिति कांग्रेस और भाजपा दोनों को ही नुकसान पहुंचाएगी।
आप को जहां कांग्रेस विरोधी वोट मिल सकता है, वहीं उसे भाजपा से खफा वोट भी मिल सकता है। हालांकि अब तक आप की ओर से आलोक अग्रवाल के अलावा कोई ऐसा दूसरा नाम सामने नहीं आया है, जो बहुत असरदार हो।
आलोक अग्रवाल नर्मदा बचाव आंदोलन के प्रमुख नेता रहे हैं और वह पूरी नर्मदा पट्टी पर असर रखते हैं।