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बल्लेबाज भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय को नोटिस को लेकर संशय कायम

Thu, 04 Jul 2019 10:11 PM IST
अमित मंडल अमर उजाला, नई दिल्ली
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विधायक आकाश विजयवर्गीय - फोटो : ANI
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भाजपा अनुशासन समिति ने क्रिकेट बल्ले से अधिकारी को पीटने वाले इंदौर-3 से भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने की बात सामने आई है। लेकिन पदाधिकारियों के बयान कुछ और ही कहानी कह रहे हैं। बता दें कि भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश को इस मामले में जेल भी जाना पड़ा था जिसके बाद उन्हें जमानत पर रिहा किया गया था।
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हालांकि, भाजपा की मध्यप्रदेश इकाई की अनुशासन समिति के एक प्रमुख पदाधिकारी ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के विधायक बेटे आकाश विजयर्गीय द्वारा एक अधिकारी को क्रिकेट के बल्ले से सरेआम पीटे जाने के मामले में फिलहाल इस पैनल ने आकाश को कारण बताओ नोटिस जारी नहीं किया है। 

प्रदेश भाजपा की तीन सदस्यीय अनुशासन समिति के संयोजक और पार्टी के वरिष्ठ नेता बाबूसिंह रघुवंशी ने पीटीआई से कहा कि हमने फिलहाल आकाश को कारण बताओ नोटिस जारी नहीं किया है। संबंधित मामला अब तक हमारे सामने नहीं आया है। 
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भाजपा की राज्य इकाई के मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर ने कहा कि उन्हें पार्टी द्वारा आकाश को कारण बताओ नोटिस जारी किये जाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। भाजपा की इंदौर इकाई के अध्यक्ष गोपीकृष्ण नेमा ने भी पार्टी द्वारा आकाश को नोटिस जारी किये जाने की खबरों पर अनभिज्ञता जतायी। 

पीएम ने की थी आलोचना

इस मामले में खुद पीएम नरेंद्र मोदी ने भी बिना नाम लिए उनकी आलोचना की थी। भाजपा संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी ने बिना नाम लिए घटना पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि राजनीति में अनुशासन होना चाहिए। दुर्व्यवहार करने वाले लोगों को पार्टी से बाहर कर देना चाहिए। ऐसा बर्ताव अस्वीकार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा करने वाले लोग भले ही किसी के भी बेटे हों, लेकिन उन्हें मनमानी की इजाजत नहीं दी जा सकती।
 
विधायक आकाश ने जेल से निकलने के बाद कहा था, 'क्षेत्र की जनता के लिए हम आगे भी काम करते रहेंगे। जेल में समय अच्छा बीता।' उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में जब एक महिला को पुलिस के सामने घसीटा जा रहा था, मैं कुछ और करने के बारे में सोच भी नहीं सकता था, जो मैंने किया उस पर शर्मिंदा नहीं हूं लेकिन मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वो दोबारा बल्लेबाजी करने का अवसर न दें।

क्या था मामला 

आकाश विजयवर्गीय ने जर्जर मकान को ढहाने पहुंचे निगम अधिकारी की बल्ले से पिटाई कर दी थी। उनकी निगम कर्मचारी से पहले बहस हुई थी। अपने कृत्य को लेकर उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि- पहले आवेदन, फिर निवेदन और फिर दे दनादन के तहत कार्रवाई की जाएगी। आकाश के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने, मारपीट और बलवा के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था।
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