इंदौर-3 से भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय के बल्ला कांड को लेकर राजनीति का दौर अब भी जारी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस लोगों को भीड़ हिंसा के लिए उकसा रहे हैं।
दिग्विजय ने कहा, 'देश में भीड़ हिंसा के दो कारण हैं। पहला यह है कि लोगों को समय पर न्याय नहीं मिला, इसलिए लोगों के अंदर गुस्सा है। दूसरी वजह भाजपा और आरएसएस है। इनके कार्यकर्ता लोगों भीड़ हिंसा के लिए उकसा रहे हैं। आप देख सकते हैं, आकाश विजयवर्गीय ने कहा था कि हम लोग पहले आवेदन, निवेदन और फिर दे दना-दन करते हैं। भीड़ हिंसा इसी मानसिकता का परिणाम है।'
क्या था मामला?
26 जून को इंदौर-3 विधानसभा सीट से पहली बार विधायक चुने गए आकाश विजयवर्गीय ने जर्जर मकान को ढहाने पहुंचे निगम अधिकारी की बल्ले से पिटाई कर दी थी। उनकी निगम कर्मचारी से पहले बहस हुई थी। अपने कृत्य को लेकर उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि- पहले आवेदन, फिर निवेदन और फिर दे दनादन के तहत कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री ने भी कहा-बेटा किसी का हो, मनमानी नहीं चलेगी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भाजपा संसदीय दल की बैठक में आकाश विजयवर्गीय का नाम लिए बिना सभी सांसदो और विधायकों को कड़ी चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि राजनीति में अनुशासन होना चाहिए। दुर्व्यवहार करने वाले लोगों को पार्टी से बाहर कर देना चाहिए। ऐसा बर्ताव अस्वीकार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा करने वाले लोग भले ही किसी के भी बेटे हों, लेकिन उन्हें मनमानी की इजाजत नहीं दी जा सकती।